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गिग वर्कर का बढ़ा चलन : पढ़ाई व प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी के साथ पार्ट टाइम नौकरी कर रहे युवा

पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे युवाओं में एक नया ट्रेंड शुरू हो गया है। पहले युवा परिवार की आर्थिक कमजोरी को देखकर स्टडी के साथ पार्ट टाइम जॉब करते थे, लेकिन अब वे शौक और नए-नए अनुभव लेने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
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सागर

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Madan Tiwari

•

Oct 25, 2024

शहर में ही डेढ़ सौ से ज्यादा गिग वर्कर, इससे परिवार पर भी नहीं बढ़ रहा आर्थिक बोझ

सागर. पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे युवाओं में एक नया ट्रेंड शुरू हो गया है। पहले युवा परिवार की आर्थिक कमजोरी को देखकर स्टडी के साथ पार्ट टाइम जॉब करते थे, लेकिन अब वे शौक और नए-नए अनुभव लेने के लिए ऐसा कर रहे हैं। इस तरह से काम करने वाले इन युवाओं को गिग वर्कर के नाम से जाना जाता है। सागर में भी पिछले एक साल से गिग वर्कर की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसकी वजह शहर में शुरू हो रही नई-नई सेवाएं और ऑनलाइन जॉब का चलन है। शहर में पड़ताल की तो पता चला कि यहां वर्तमान में 150 से ज्यादा युवा स्टडी के साथ जॉब कर रहे हैं।

- टाइम मैनेजमेंट की अहमियत

पढ़ाई व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के साथ जॉब कर रहे युवाओं की लाइफ में सबसे ज्यादा अहमियत टाइम मैनेजमेंट की है। युवाओं का कहना है कि उन्होंने स्टडी, जॉब और बाकी अन्य कामों के अलावा खाने, पीने और सोने को लेकर टाइम टेबल बनाया हुआ है। इसमें अधिकांश युवा दोपहर के बाद का समय जॉब के लिए तय करे हैं। यदि टाइम मैनेजमेंट में जरा भी गड़बड़ी आए तो फिर हर चीज प्रभावित होती है।

- इन क्षेत्रों में ज्यादा गिग वर्कर

पार्ट टाइम जॉब करने वाले युवाओं की पहली पसंद फूड ऑर्डर साइट, कोरियर सर्विस, ऑनलाइन वर्क, मॉल, ब्रांडेड फूड कंपनियों की डिलेवरी, ऑनलाइन शॉपिंग साइट के अलावा कुछ युवा खुद का छोटा-मोटा बिजनेस करके भी कमाई कर रहे हैं। इतना ही नहीं शहर में कुछ युवा ऐसे भी हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण भी गिग वर्कर बने हैं।

- प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही

विश्वविद्यालय से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल करने वाली ओजस्वी तिवारी ने बताया कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहीं हैं। इसके साथ उन्होंने तीन माह पहले एक प्राइवेट कंपनी में पार्ट टाइम जॉब शुरू कर दी। ओजस्वी ने बताया कि वह कंपनी के लिए ऑनलाइन वर्क करतीं हैं, जिससे उनको 20 हजार रुपए वेतन मिलता है।

- बिटकॉइन कंपनी में जॉब शुरू की

शहर के 23 वर्षीय हिमांशु राठौर ने विश्वविद्यालय से बी-कॉम किया और अब वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। हिमांशु ने बताया कि स्टडी के साथ कुछ माह से उन्होंने एक बिटकॉइन कंपनी में पार्ट टाइम जॉब कर दी, जिससे हर माह 18 हजार रुपए के करीब वेतन मिल जाता है।

- रेस्टोरेंट चला रहा

डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय से एमबीए कर चुके शहर के चैतन्य पटेल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, इसके साथ उन्होंने परिवार की मदद से शहर में एक रेस्टोरेंट भी खोल लिया है, लेकिन चैतन्य का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करना है।