
प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद ने की शादी. Photo- ANI
जयपुर। जघन्य हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद को एक दूसरे से जेल में प्यार हुआ और अब दोनों ने शादी कर ली। दो कातिलों की ये प्रेम कहानी बहुत ही हैरान करने वाली है। प्रिया और हनुमान के अपराध अलग हैं, लेकिन दोनों की सजा एक (आजीवन कारावास) है।
प्रिया ने डेटिंग ऐप के जरिए दुष्यंत शर्मा को फंसाकर उसका अपहरण किया और हत्या की साजिश रच डाली वहीं हनुमान ने अपनी प्रेमिका के कहने पर उसके पति और 3 बच्चों सहित एक अन्य की बेरहमी से हत्या कर दी थी। दोनों ही मामले पूरे देश में चर्चा में आ गए थे।
प्रिया सेठ की डेटिंग ऐप से लेकर जेल की कोठरी तक और अब पैरोल पर शादी तक की कहानी किसी क्राइम थ्रिलर की तरह लगती है, जो कि रोंगटे खड़े कर देने वाली, क्रूर और दुखद है।
प्रिया सेठ पढ़ने के लिए जयपुर आई थी। वह प्रोफेसर बनना चाहती थी, लेकिन ऐशो आराम की जिंदगी की चाह ने उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया।
अपनी जरूरतों के लिए प्रिया सेठ ने दुष्यंत शर्मा को डेटिंग ऐप के जरिए फंसाया। खुद को अमीर कारोबारी बताने वाले दुष्यंत के साथ उसकी नजदीकियां बढ़ीं।
उनकी बातचीत कई हफ्तों तक चली। दुष्यंत को लगा कि उसे अपना जीवनसाथी मिल गया है। हालांकि प्रिया एक खतरनाक खेल खेल रही थी, जिसकी दुष्यंत को भनक तक नहीं थी।
प्रिया के पूर्व प्रेमी दीक्षांत कामरा पर लाखों रुपए का कर्ज था, जिसे चुकाने के लिए उसने दीक्षांत के साथ मिलकर दुष्यंत के अपहरण और फिरौती की योजना बनाई। इसके बाद जो कुछ हुआ वह भयावह था।
अपहरण के बाद उनको पता चला कि दुष्यंत अमीर नहीं है तो उन्होंने दुष्यंत का मर्डर कर दिया और शव को एक सूटकेस में रखकर जयपुर के बाहरी इलाके में फेंक दिया गया। जब सूटकेस बरामद हुआ, तो उस भयावह दृश्य ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया।
जयपुर की एक अदालत ने हत्या को निर्मम, सुनियोजित और क्रूर बताते हुए उसे और उसके साथियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
प्रिया को राजस्थान की जेल सुधार प्रणाली के तहत गठित सांगानेर खुली जेल में शिफ्ट कर दिया गया गया। खुली जेल में प्रिया की मुलाकात आजीवन कारावास की सजा काट रहे हनुमान प्रसाद से हुई।
सांगानेर ओपन जेल से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हनुमान प्रसाद और प्रिया सेठ को जब जेल में शिफ्ट किया गया। उसके कुछ ही समय बाद दोनों एक-दूसरे के संपर्क में आए और मिलने-जुलने लगे। बातचीत आगे बढ़ी, भरोसा पनपा और फिर यह रिश्ता प्यार में बदल गया
ओपन जेल में कैदियों को थोड़ी ज्यादा आजादी मिलती है। जिस वजह से प्रिया और हनुमान प्रसाद करीब आए। बताया जा रहा है कि दोनों करीब एक वर्ष से रिलेशन में हैं।
दोनों ने शादी का फैसला किया तो हाईकोर्ट में पैरोल के लिए अर्जी दी। जिला पैरोल एडवाइजरी कमेटी और हाईकोर्ट ने इसे मंजूर भी कर लिया। वकील विश्राम प्रजापति ने दोनों की तरफ से पैरवी की।
Updated on:
24 Jan 2026 03:50 pm
Published on:
24 Jan 2026 02:41 pm
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