
समाजसेविका माधुरी बैन परिजनों के साथ अपर कलेक्टर से चर्चा करती
पंधाना थाने के लॉकअप में मारे गए आदिवासी युवक की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट परिजनों को नहीं दे रही पुलिस. पंधाना थाने में पुलिस हिरासत में मारे गए धर्मेन्द्र दांगोड़े के परिजनों को पुलिस पोस्ट मार्टम रिपोर्ट नहीं दे रही है। हैरानी की बात तो यह कि घटना के दो माह बीतने के बाद भी परिवार को पोस्ट मार्टम रिपोर्ट के लिए आला अफसरों की चौखट पर भटक रहा है।
माधुरी बैन ने अपर कलेक्टर से पूछा कब मिलेगी रिपोर्ट
शुक्रवार दोपहर परिवार के साथ समाजसेविका माधुरी बैन कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। कलेक्टर नहीं मिले तो वह अपर कलेक्टर से पूछा कि पुलिस हिरासत में मारे गए आदिवासी परिवार को न्याय कब मिलेगा। पुलिस ने परिवार को आज तक पोस्ट मार्टम रिपोर्ट तक नहीं दिया। दो माह बीत गए मजिस्ट्रियल जांच में बयान तक नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि कोर्ट का आदेश है कि अत्याचार, उत्पीड़न वाले मामले में कलेक्टर और एसपी जिम्मेदार होते हैं। पुलिस हिरासत में आदिवासी परिवार का बेटा मारा गया है।
बैन बोलीं, निमाड़ में बढ़ रहा अत्याचार
समाजसेविका माधुरी बैन ने अपर कलेक्टर से कहा कि कलेक्टर-एसपी की शिथिलता से निमाड़ में इस परिवार पर ही नहीं बल्कि अत्याचार नहीं किया जा रहा है। बल्कि एक समाज पर हमला किया जा रहा है। इस घटना में तो सरकार जिम्मेदार है। आज तक परिवार को किसी तरह की सहायता नहीं दी गई। उन्होंने अपर कलेक्टर से कहा कि जल्द पोस्ट मार्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
बहन एसपी को दे चुकी है आवेदन
पुलिस हिरासत में मारे गए मृतक की बहन ममता दांगोड़े ने निवासी झिरिनिया ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में 28 अगस्त को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पोस्ट मार्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराने आवेदन दिया है। अगस्त में घटना हुई। नवंबर में पोस्ट मार्टम रिपोर्ट तक नहीं दी जा रही है।
Updated on:
09 Nov 2024 12:41 pm
Published on:
09 Nov 2024 12:39 pm
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