
भोपाल। सनातन धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है। इस दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और दान करने का भी विधान है। भोपाल के पंडित जगदीश शर्मा के अनुसार इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। जिस दिन सूर्य का यह राशि परिवर्तन होता है तभी से संक्रांति की तिथि शुरू होती है। हर साल की भांति इस साल 2023 में भी सूर्य देव 14 जनवरी की रात को 08 बजकर 21 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। लेकिन यह तिथि रात के समय से शुरू हो रही है, ऐसे में मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। इस लेख में पढ़ें मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त, क्षण और कब करें दान...
मकर संक्रांति 2023 का पुण्यकाल
साल 2023 में मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी। मकर संक्रांति पुण्य काल 15 जनवरी को सुबह 07 बजकर 15 मिनट से शाम 05 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। पुण्य काल की अवधि 10 घंटे 31 मिनट तक रहेगी। मकर संक्रांति महापुण्यकाल सुबह 07 बजकर 15 मिनट से रात 09 बजे तक रहेगा। महापुण्य काल की अवधि 01 घंटा 45 मिनट रहेगी।
मकर संक्रांति का क्षण
14 जनवरी 2022 को मकर संक्रांति का क्षण रात 08 बजकर 57 मिनट पर रहेगा।
मकर संक्रांति पर दान का महत्व
मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन दान करने से कई गुना पुण्य मिलता है। माना जाता है कि मकर संक्रांति के दिन सूर्य का अपने पुत्र शनि से मिलन होता है। इस दिन शुक्र ग्रह का उदय भी होता है। यही कारण है कि इस दिन से शुभ व मांगलिक कार्यों की शुरुआत की जाती है।
Updated on:
22 Dec 2022 03:27 pm
Published on:
22 Dec 2022 03:27 pm
