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क्या होते हैं मंगल बद और मंगल नेक? जानें मंगल दोष के अचूक उपाय

अशुभ मंगल के लिए लाल किताब के अनुसार करें ये उपाय

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भोपाल

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Tanvi Sharma

Sep 06, 2019

mangal dosh nivaran

ज्योतिष विद्या में मानव कुंडली को कई तरह के दोषों से ग्रस्त पाया जाता है। इन्ही दोषों में से एक मंगल दोष भी है, जो कि व्यक्ति के जीवन में रुकावटों का एक कारण बन जाता है। मंगल दोष ( mangal dosh ) से प्रभावित व्यक्ति को मांगलिक ( manglik ) कहा जाता है।

ज्योतिष विद्या में जो लोग अपनी पकड़ रखते हैं वे बड़ी आसानी से किसी व्यक्ति की कुंडली देखकर ये बता सकते हैं कि संबंधित व्यक्ति का मंगल कितना भारी है, कितना लाभदायक या नुकसानदायक हो सकता है। वहीं जिन जातकों कि कुंडली में प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम अथवा द्वादश भाव में मंगल होता है तब वह मंगलिक दोष कहलाता है।

लाल किताब के अनुसार दो तरह के मंगल होते हैं। मंगल बद ( Mangal bad ) और मंगल नेक ( mangal nek )। मंगल बद अर्थात बुरा मंगल और मंगल नेक अर्थात अच्छा मंगल। बद मंगल जातक को गुस्से वाला, जिद्दी और अहंकारी बनाता है। वहीं नेक मंगल होने से व्यक्ति साहसी, पराक्रमी और उच्चपद को प्राप्त करने वाला होता है। जिन जातकों का मंगल अशुभ होता है उनके लिए लाला किताब में कई असरदार उपाय बताए गए हैं, तो आइए जानते हैं वे उपाय...

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1. मंगल दोष से पीड़ित व्यक्ति को हर मंगलवार को नीम के पड़ में जल चढ़ाना चाहिए। इससे आपको लाभ होगा।

2. लाल किताब के अनुसार भाई को मंगल का कारक माना जाता है। जातक के जीवन में भाई उसका मंगल कहलाता है। यदि आपको मंगल दोष है तो अपने भाई को प्रसन्न रखें। आपका मंगल शांत रहेगा। यदि आपका भाई छोटा है तो उसे गलतियों पर डांटने की बजाए प्यार से समझाएं और गलतियों को माफ करने का प्रयास करें। वहीं यदि बड़ा भाई है तो उसे हमेशा सम्मान दें और कोशिश करें की बड़े भाई की कोई भी बात को ना टालें। इस तरह वे हमेशा आपसे प्रसन्न रहेंगे और मंगल दोष से आपको राहत मिलेगी।

3. यदि आपको मंगल दोष है तो इसका असर आपकी आंखों में देखने को मिलता है। आंखों को हमेशा साफ रखने के लिए मंगलवार और शनिवार को जरूर आंखों में सूरमा लगाना चाहिए। लगातार 43 दिनों तक आंखों में सूरमा लगाने से वयक्ति नजर से बच जाता है और मंगल दोष में राहत मिलती है।

4. मंगल दोष से मुक्ति पाने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ बहुत लाभदायक होता है। इसलिए हर दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। इसके अलावा हर दो या तीन महीने में एक बार हनुमानजी को चोला भी चढ़ाएं।

5. लाला किताब के मुताबिक जिन लोगों को मंगल दोष होता है उन लोगों को मांसाहार का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसे जातक यदि मांस खाते हैं तो उनके मंगल की स्थिति ओर भी बिगड़ सकती है।

6. मंगल दोष से पीड़ित व्यक्तियों को एक बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए कि वे जब भी घर से निकलें तो गुड़ खाकर निकलें। यदि आपके आसपास कोई है तो उसे भी गुड़ खिलाएं। ऐसा करने से आपका मंगल शांत होगा और आपको इससे काफी फायदा भी होगा। क्योंकि गुड़ खून साफ करता है और खून मंगल से संबंधित होता है।