
MP Madarsa News: प्रदेश में अब मदरसों को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष और स्कूल शिक्षा मंत्री आमने-सामने हो गए हैं। बीते शुक्रवार को राष्ट्रीय बाल आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने मप्र के मदरसों में 9417 हिन्दू बच्चों के पढ़ने से जुड़े आंकड़े जारी करते हुए सरकार से इन बच्चों को सामान्य स्कूलों में पढ़ाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि ये इस्लामी संस्थान शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत नहीं आते हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने प्रियंक कानूनगो के आंकड़ों पर सवालिया निशान लगाते हुए तथ्यहीन बताया। उन्होंने कहा कि वो आंकड़े जारी करने से पहले अपडेट नहीं थे। आयोग अध्यक्ष के पास सही आंकड़े नहीं थे।
राष्ट्रीय बाल आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने पत्रिका से कहा, मेरी मंत्री को सलाह है कि अपने अफसरों की लगाम खीचें, क्योंकि वो उन्हें गुमराह कर रहे हैं। जो आंकड़े जारी हुए उसमें इन्हीं के अफसरों के हस्ताक्षर हैं। मंत्री मदरसों का जब निरीक्षण करेंगे तब उन्हें समझ आएगा। राज्य सरकार को सकारात्मक ढंग से आयोग की रिपोर्ट को लेना चाहिए। रहीम का एक दोहा है- निंदक नियरे राखिए, आंगन कुटी छवाय, बिन पानी-साबुन बिना, निर्मल करे सुभाय। हमसे जानकारी मंत्री लेते रहेंगे तो उनका स्वभाव थोड़ा ठंडा रहेगा।
मदरसों में हिन्दू बच्चों के पढ़ने का आंकड़ा लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से जारी किया गया था, जिसमें तत्कालीन आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव, महिला एवं बाल विकास आयुक्त रामराव भोसले और अजय कटेसरिया के हस्ताक्षर हैं। रिपोर्ट बाल आयोग के अध्यक्ष ने पत्रिका से साझा की है।
Updated on:
19 Jun 2024 03:14 pm
Published on:
19 Jun 2024 02:47 pm
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