भगवान ओंकारेश्वर पर चढ़े फूल अब कचरे में नहीं फेंके जाएंगे, बल्कि इनकी खुशबू से देश के घर, मंदिर महकेंगे। इसके लिए भगवान पर चढ़े फूलों से धूप, अगरबत्ती, तिलक बनाने का कार्य प्रशासन ने स्वसहायता समूह के माध्यम से किया है। ओंकारेश्वर के शिव शक्ति स्व सहायता समूह ने कलेक्टर की पहल को अपनाते हुए इको निर्मित पुष्पांजलि अगरबत्ती का फस्र्ट लॉट भी तैयार कर लिया है। अब इसके विक्रय की तैयारी की जा रही है।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में प्रतिदिन 20 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे है। विशेष पर्वों, अमावस्या, पूर्णिमा पर ये संख्या करीब एक लाख से ज्यादा हो रही है। रोजाना भगवान ओंकारनाथ ज्योतिर्लिंग पर एक क्विंटल करीब पुष्प अर्पित होते हैं। इन फूलों को पहले कचरे में फेंक दिया जाता था। कलेक्टर ऋषव गुप्ता की पहल पर अब इन फूलों से अगरबत्ती बनाने का कार्य किया जा रहा है। विशेषज्ञ मनप्रीत अरोरा के मार्गदर्शन में स्व सहायता समूह की महिलाएं मंदिर से फूल लाकर पहले वैरायटी अनुसार छांटती हैं। इसके बाद फूलों की पत्तियां अलग कर सुखाया जाता है और इसमें बाइंडिंग के लिए जोस पाउडर, इत्र मिलाकर धूप, अगरबत्ती बनाई जा रही है।
ऑन लाइन सेल, मंदिर में लगेगा काउंटर
स्व सहायता समूह द्वारा बनाई गई अगरबत्ती को इको निर्मित शिव अर्पण अगरबत्ती नाम दिया गया है। इसका स्लोगन हर घर में महादेव रखा गया है। वहीं, धूप बत्ती का नाम पुष्पांजलि दिया गया है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि अगरबत्ती और धूप की बिक्री ज्योतिर्लिंग मंदिर में काउंटर लगाकर की जाएगी। साथ ही ये अगरबत्ती ऑनलाइन बिक्री के लिए भी उपलब्ध होगी। अमेजन, फ्लिपकार्ट, मिशो आदि ऑनलाइन स्टोर पर भी इसे लाने की तैयारी है। मंदिर में इसकी बिक्री एक सप्ताह के अंदर शुरू करा दी जाएगी।
कचरा प्रबंधन के साथ रोजगार भी
ओंकारेश्वर मंदिर में बड़ी मात्रा में फूल चढ़ रहे है, इस कार्य से जहां कचरा प्रबंधन होगा। वहीं, फूलों का यूटिलाइजेशन भी होगा। इससे स्व सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा। जल्द ही इसकी बिक्री आरंभ की जाएगी।
ऋषव गुप्ता, कलेक्टर