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खंडवा के दीपक की बचा ली जान, डॉक्टरों ने पहली बार किया ऐसा ऑपरेशन

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में थैलेसीमिया का दूरबीन से ऑपरेशन कर चिकित्सकों ने डेढ़ किलो वजन की तिल्ली पेट से बाहर किया। ऑपरेशन के बाद 28 वर्षीय युवक पूरी तरह से स्वस्थ है। सर्जरी विभाग में इससे पहले आठ अपर जीएल इंडोस्कोपी यानी दूरबीन से ऑपरेशन किए गए। लेकिन पेट से ऑपरेशन कर डेढ़ किलो की मात्रा की तिल्ली को पहली निकाला गया है। चिकित्सकों का दावा है कि इस तरह का जटिल ऑपरेशन पहली बार किया गया।

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खंडवा

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Rajesh Patel

Feb 13, 2025

khandwa news

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टर्स ने की 28 वर्षीय युवक के पेट की सर्जरी, सर्जरी विभाग में अब तक आठ अपर जीएल इंडोस्कोपी, मेडिकल कॉलेज अस्पताल में थैलेसीमिया का दूरबीन से ऑपरेशन कर चिकित्सकों ने डेढ़ किलो वजन की तिल्ली पेट से बाहर किया।

ऑपरेशन के बाद 28 वर्षीय युवक पूरी तरह से स्वस्थ है। सर्जरी विभाग में इससे पहले आठ अपर जीएल इंडोस्कोपी यानी दूरबीन से ऑपरेशन किए गए। लेकिन पेट से ऑपरेशन कर डेढ़ किलो की मात्रा की तिल्ली को पहली निकाला गया है।

चिकित्सकों का दावा है कि इस तरह का जटिल ऑपरेशन पहली बार किया गया। अब ऐसे मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में अब दूरबीन से ऑपरेशन की सेवाएं मिलने लगी हैं।

ऑपरेशन के साथ तिल्ली को बाहर निकाला गया

सर्जरी विभाग में भर्ती दीपक 28 पिता कैलाश को थैलेसीमिया बीमारी की चपेट में इलाज किया जा रहा था। लंबे समय से बीमारी से ग्रसित होने के कारण खून नहीं बढ़ रहा था। सर्जरी विभाग के डॉ सूरज जैन ने ओपीडी में देखने के बाद भर्ती किया। इसके बाद जांच की। अपर Gl इंडोस्कोपी के जरिए ऑपरेशन का फैसला किया।

सर्जन डॉ सूरज ने बताया कि डॉ रिंकू यादव समेत अन्य चिकित्सक स्टाफ की मदद से दीपक का सफल आपरेशन किया गया। आमतौर पर तिल्ली का वजन 70 से 200 ग्राम तक होता है। इस मरीज के तिल्ली का आकार बढ़ने से वजन लगभग डेढ़ किलो था। सफल ऑपरेशन के साथ तिल्ली को बाहर निकाला गया।

थैलेसीमिया के ये प्रमुख लक्षण

थकान, त्वचा पीली, सांस लेने में दिक्कत, कमजोरी। इस तरह के लक्षण बच्चों, युवाओं में दिखे तो जांच कराएं।

इन चिकित्सकों ने किया ऑपरेशन-

सर्जरी विभाग के डॉ सूरज जैन, डॉ रिंकू यादव, डॉ दर्शन अग्रवाल, एवं निश्चेतना की डॉ सीमा बामनिया के द्वारा सफल ऑपरेशन किया गया।

सर्जरी विभाग में डॉक्टरों ने युवक का अपर जीएल इंडोस्कोपी के जरिए किया ऑपरेशन