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रतलाम औसत वर्षा का आंकड़ा आधा , 18 इंच बारिश की दरकार

हालांकि, मौसम विभाग ने आगामी 16 अगस्त मानसून सक्रिय होने का अलर्ट जारी किया हैं। रतलाम शहर क्षेत्र में 24 इंच से अधिक बारिश हुई है, जो जिले के अन्य हिस्सों से बेहतर स्थिति दर्शाती है।
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Monsoon Alert news ratlam

जिले में 452.38 मिमी वर्षा दर्ज, पिछले वर्ष से पिछड़ा आंकड़ा, मानसून 18 अक्टूबर तक सक्रिय

रतलाम. जिले में औसत वर्षा का आंकड़ा अब तक मात्र 50 प्रतिशत पर ही पहुंचा है। पर्याप्त वर्षा के लिए अभी भी 18 इंच बारिश की दरकार है। जिले की औसत वर्षा 36.4 इंच निर्धारित है, जिसके मुकाबले अब तक सिर्फ 18 इंच ही वर्षा दर्ज की जा सकी है। 

हालांकि, मौसम विभाग ने आगामी 16 अगस्त मानसून सक्रिय होने का अलर्ट जारी किया हैं। रतलाम शहर क्षेत्र में 24 इंच से अधिक बारिश हुई है, जो जिले के अन्य हिस्सों से बेहतर स्थिति दर्शाती है। मानसून सत्र सामान्यत: 18 अक्टूबर तक माना जाता है। बुधवार को दिन में आसमान से रिमझिम बौछार होती रही।

दो दिन में तीन इंच के करीब बारिश
सावन की झड़ी के दौरान बीते दो दिनों में सभी विकासखंडों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई है, जिससे कुछ राहत मिली है। इस अवधि में जिले में औसत 3 इंच वर्षा हुई। भू-अभिलेख शाखा के आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक कुल 452.38 मिमी वर्षा हो चुकी है। यह आंकड़ा मानसून सत्र के लिए निर्धारित कुल औसत वर्षा 918.3 मिमी के आधे से भी कम है। पिछले साल इसी तारीख तक 569.63 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी, जिससे तुलना करने पर इस वर्ष वर्षा की कमी स्पष्ट होती है।

विकासखंड में कहा कितनी बारिश
पिछले 24 घंटे में बुधवार सुबह 8 बजे तक विभिन्न विकासखंडों में हुई वर्षा इस प्रकार रही, आलोट में 36 मिमी, जावरा में 29 मिमी, ताल में 46 मिमी, पिपलौदा में 35 मिमी, बाजना में 25 मिमी और रतलाम में 19 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, रावटी में 30 मिमी और सैलाना में 25 मिमी बारिश हुई। बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुक कर रिमझिम बौछारें बरसती रहीं, जिससे मौसम सुहावना बना रहा।

कम वर्षा के संभावित परिणाम
जिले में औसत से आधी वर्षा दर्ज होने से कृषि क्षेत्र पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। खरीफ फसलों को पर्याप्त पानी नहीं मिलने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है। जशवयों और भूजल स्तर में कमी से आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई की समस्या गहरा सकती है। किसानों को मानसून की शेष अवधि में अच्छी वर्षा की उम्मीद है, अन्यथा सूखे जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, जिससे अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।

विकासखंड वर्षा इंच में
रतलाम 24.1
आलोट 20.2
पिपलौदा 20.2
जावरा 18.8
सैलाना 17.7
ताल 15.2
रावटी 15.0
बाजना 12.9