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जनसुनवाई : लोट-लोट कर पहुंचा कलेक्ट्रेट, कलेक्टर बोले… सीमांकन के बाद तय होगा अतिक्रमण है या नहीं

कलेक्टर की पूछताछ में पता चला कि जमीन पर अतिक्रमण है, सीमांकन के लिए परेशान भू-स्वामी, एसडीएम से रिपोर्ट तलब, न्याय नहीं मिलने पर वह एसडीएम कोर्ट से सड़क पर 300 मीटर दूर लोट-लोटकर कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचा।

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खंडवा

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Rajesh Patel

Aug 14, 2024

Collectorate's public hearing

एसडीएम कार्यालय से लोट-लोट कर कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचा भू-स्वामी

कलेक्टर की पूछताछ में पता चला कि जमीन पर अतिक्रमण है, सीमांकन के लिए परेशान भू-स्वामी, एसडीएम से रिपोर्ट तलब, न्याय नहीं मिलने पर वह एसडीएम कोर्ट से सड़क पर 300 मीटर दूर लोट-लोटकर कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचा।

300 मीटर दूर लोट-लोट कर कलेक्ट्रेट पहुंचा

कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई के दौरान आवेदक का अनोखा प्रदर्शन देख हर कोई हैरान रहे। कलेक्टर की पूछताछ में पता चला कि जावर के सहेजला गांव निवासी श्याम कहार भूमि पर अतिक्रमण है, सीमांकन के लिए परेशान है। न्याय नहीं मिलने पर वह एसडीएम कोर्ट से सड़क पर 300 मीटर दूर लोट-लोटकर कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचा। मामले में कलेक्टर ने सीमांकन करने के निर्देश देने के साथ ही पूरे मामले की रिपोर्ट एसडीएम से तलब की है।

रजिस्ट्री की भूमि पर रिकार्ड में रास्ता दर्ज, प्रकरण निरस्त

खंडवा तहसील के जावर सर्किल के सहेजला गांव निवासी रमेश कहार के तीन बेटे मोहन, मुरली और श्याम हैं। मोहन ने एसडीएम कोर्ट में रजिस्ट्री के आधार पर खसरा नं 204 का रिकार्ड सुधार का प्रकरण दायर किया। मोहन ने कोर्ट में आवेदन देकर कहा है कि पिता की रजिस्ट्री की भूमि शासकीय ( 342 व 343 खसरा नंबर ) दर्ज हो गई है। पटवारी के प्रतिवेदन में खसरा नं 204 में बंदोबस्त के पहले चतुर्थ सीमा में रास्ता दर्ज है। वर्ष 1085-86 में रि-नम्बरिंग में खसरा नंबर 335 हो गया है। नए नक्शे पर भी गांव का आम रास्ता दर्ज है। मामले में एसडीएम कोर्ट ने धारा 115 के तहत 26 अप्रेल 2024 को रिकार्ड सुधार का प्रकरण निरस्त कर दिया।

पिता ने गांव के शीतल मंगू से कराई थी रजिस्ट्री

एसडीएम कोर्ट में श्याम के भाई मोहन ने आवेदन दिया है कि दस डिसमिल भूमि की रजिस्ट्री मेरे पिता रमेश के नाम है। इसकी रजिस्ट्री बीस साल पहले गांव के शीतल पिता मंगू से कराई थी। आबादी की भूमि पर घर बना है। लेकिन दस डिसमिल भूमि पर रास्ता है तो मेरी पैतृक भूमि कहां है।

स्वामित्व योजना के तहत कार्रवाई

पटवारी ने राजस्व अधिकारियों को रिपोर्ट भेजा है कि रमेश कहार के तीन बेटे मोहन, मुरली और श्याम का आबादी में घर बना है। ड्रोन सर्वे में तीनों के नाम 300 वर्म मीटर एरिया में घर बना है। तीनों के नाम राजस्व रिकार्ड तैयार किया जा रहा है। इसमें मुरली के नाम 68 वर्ग मीटर, श्याम के नाम 122 और मोहन के नाम 101 वर्ग मीटर का एरिया दर्ज है। तीनों का घर में बंटवारा हो गया है। रिकार्ड ऑफ राइट की कार्रवाई चल रही है।

वर्जन...जनसुनवाई के दौरान इस तरह का मामला आज मेरे संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराएंगे। भूमि सीमांकन के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि अतिक्रमण कितने एरिया में हुआ है। पुष्टि होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।... अनूप कुमार सिंह, कलेक्टर