हमारे मोहल्ले में पिछले दो साल से पानी की समस्या बनी हुई है। हमारे मोहल्ले से पहले क्षेत्र में इतने अवैध नल कनेक्शन हो गए है कि हमारे घरों तक पानी ही नहीं पहुंच पा रहा है। हमें जलकर की रसीद तो समय पर दी जाती है, लेकिन पानी माह में एक या दो बार मिलता है। सुंदर नगर वार्ड सात से आई महिलाओं ने अपनी परेशानी अपर कलेक्टर से बयां की। मंगलवार को जनसुनवाई में अपर कलेक्टर केआर बड़ोले, संयुक्त कलेक्टर निकिता मंडलोई सहित अन्य अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनी व संबंधित विभाग को निराकरण के निर्देश दिए।
सुंदर नगर से आई शबाना, कुलसुम, मीरा, राधा, संगीता, सावित्री, अनिता बाई आदि ने बताया कि उनका मोहल्ला उपर बेडी पर है, नीचे की ओर सभी नल कनेक्शन अवैध है। यहां कम पे्रेशर से पानी दिया जाता है, जिसके कारण नीचे अवैध कनेक्शन वाले मोटर लगाकर पानी भर लेते है और हमारे मोहल्ले तक पानी ही नहीं आता। जनसुनवाई में सैकड़ों बार आ चुके, लेकिन समस्या का हल नहीं हो रहा। अपर कलेक्टर ने निगम जलकार्य विभाग को निराकरण करने के निर्देश दिए। आवेदक अशोक सिंह निवासी ग्राम लालवाड़ा ने धोखाधड़ी से की गई भूमि की रजिस्ट्री को निरस्त कराने की मांग की। अपर कलेक्टर ने तहसीलदार जावर को समस्या का निराकरण करने के लियए कहा।
मेरे खेत में छोड़ रहे गिट्टी खदान का पानी
ग्राम सिहाड़ा निवासी गेंदालाल यादव ने आवेदन सौंप बताया कि उनकी पटवारी हलका नंबर 70 में खसरा क्रमांक 12 में कुल 0.92 हेक्टेयर भूमि है। उनकी कृषि भूमि पर अग्रवाल बंधुओं द्वारा गिट्टी खदान का पानी मय डस्ट छोड़ा जा रहा है, जिससे उनका खेत खराब हो रहा है। अग्रवाल बंधुओं को समझाइश देने पर उन्होंने मेड़ के पास अंदर ही कब्जा कर लिया। पटवारी और आरआइ से सीमांकन के लिए कहा तो उन्होंने त्रुटीपूर्ण सीमांकन कर दिया।
गिट्टी खदान वालों से करा रहे कब्जा
इसके साथ ही गेंदालाल ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के पटवारी और राजस्व निरीक्षक द्वारा उनकी भूमि सहित शासकीय भूमियों, मुक्तिधाम की भूमि पर भी गिट्टी खदान वालों का कब्जा कराया जा रहा है। जिसके सबूत भी पेन ड्राइव में उनके पास सुरक्षित है। यादव ने अपने खेत से अतिक्रमण हटाने, सीमांकन करने की मांग की। वहीं, सुरजलाल निवासी ग्राम जामन्या ने प्रधानमंत्री आवास योजना की एक किस्त मिलने के बाद से अन्य किस्त के लिए सरपंच और सचिव द्वारा पैसे की मांग करने की शिकायत की। अपर कलेक्टर बड़ोले ने पुनासा जपं सीईओ को समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में शासकीय पोखर निर्माण से अवैध खनन, निजी भूमि में आने जाने का रास्ता, शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने आदि की शिकायतें सहित लगभग 119 आवेदन प्राप्त हुए।