इंदिरा सागर बांध प्रभावितों द्वारा अपने अधिकार के लिए एनएचडीसी कार्यालय के सामने तीन दिवसीय जन आंदोलन किया जा रहा है। आंदोलन के दूसरे दिन मंगलवार को मौसम साफ रहने से डूब प्रभावितों की संख्या भी यहां बढ़ी। दूसरे दिन मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रांतीय पदाधिकारी गोपाल पाटीदार ने संबोधित किया। पाटीदार ने कहा एनएचडीसी कंपनी लुटेरी है, इसने 254 गांवों के लोगों को लूटा और इन्हें बर्बाद कर दिया।
पाटीदार ने कहा सभी पुनर्वास स्थलों के हालात खराब है। जमीन जायदाद डूबाकर लोग बर्बाद हो गए। इन गांवों के लोगों को बलिदानी की संज्ञा तो दे दी, परन्तु इनका जीवन बर्बाद करके छोड़ दिया। बलडी के पूर्व सरपंच नगीन जैन ने कहा कहा बलडी में मेरी 6 एकड़ जमीन का एनएचडीसी ने कुल 90 हजार रुपया दिया और परिवार की कुल 125 एकड़ जमीन का 35 लाख रुपए देकर बेदखल कर दिया। इतना कम मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। 254 गांव के लोग परेशान है। बोरी माल के छोटू पटेल ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा मेरी 37 एकड़ जमीन के कुल 6 लाख रुपए मिले और फलदार वृक्षों ओर सागवान के वृक्षों का कुछ भी नहीं मिला। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ जिलाध्यक्ष त्रिलोक पटेल ने कहा ये तो शांतिपूर्ण आंदोलन है, आगे हम उग्र आंदोलन भी करेंगे।
भजन गाकर बढ़ाया आंदोलनकारियों का हौसला
जन आंदोलन में लोक गायिका जीवन लता ने सिंगाजी के भजन गाकर डूब पीडि़तों की हौसला अफजाई की। अधिवक्ता डॉ. डीएल बकोरिया ने सभी 254 गांवों की समस्याओं को गिनाया तथा 73 पुनर्वास स्थलों की दुर्दशा व्यक्त की। आंदोलन से जुड़े सुजान सिंह राठौर ने कहा जब तक डूब पीडि़तो की मांगे पूरी नहीं होगी तब तक पुनर्वास स्थलों पर आंदोलन चलते रहेंगे। आंदोलन में बलडी के पूर्व सरपंच नगीन जैन, गोपाल पटेल, छोटू पटेल बोरीमल, देवीलाल पटेल बाई जगवाड़ा, रामाधार प्रजापत अजनास, कैलाश सरपंच नामनपुर, बाबूलाल पटेल सिंगाजी, सुरेंद्र खंडेलवाल, प्रेम खंडेलवाल हरसूद आदि उपस्थित हुए।