
सुप्रीम कोर्ट (File Photo)
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ‘लव जिहाद’ और धर्मांतरण विरोधी कानूनों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कई राज्यों को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक सहित उन राज्यों से चार हफ्ते में जवाब मांगा है जहां ऐसे कानून लागू हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि ये कानून अंतर-धार्मिक जोड़ों को परेशान करने का जरिया बन गए हैं और तीसरे पक्ष को शिकायत दर्ज कराने की अनुमति देने से दुरुपयोग बढ़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने नोडल वकील नियुक्त किए हैं ताकि जवाब दाखिल करने की प्रक्रिया सुचारु हो सके।
सीजेआइ बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि राज्यों से जवाब मिलने के बाद ही इन कानूनों के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग पर विचार होगा। अगली सुनवाई छह हफ्तों बाद होगी।
Updated on:
18 Sept 2025 11:54 pm
Published on:
18 Sept 2025 11:54 pm
