scriptकिरर घाट में बिना यातायात रोके ही गिराई जा रही चट्टानें, राहगीरों के सिर पर मंडरा रहा खतरा | Rocks are being dropped in Kirar Ghat without stopping the traffic, danger looms over the heads of passersby | Patrika News
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किरर घाट में बिना यातायात रोके ही गिराई जा रही चट्टानें, राहगीरों के सिर पर मंडरा रहा खतरा

अनूपपुर. जिले के राजेंद्र ग्राम अमरकंटक जाने वाले मार्ग पर किरर घाट में लैंडस्लाइड को रोकने एमपी आरडीसी विभाग घाट में चट्टानों को गिरने से रोकने के लिए कार्य करा रहा है। 16 करोड़ रुपए की लागत से होने वाला कार्य हरियाणा की एक कंपनी को दिया गया है। कंपनी मार्च महीने से लगातार कार्य […]

अनूपपुरJul 03, 2024 / 12:10 pm

Sandeep Tiwari

अनूपपुर. जिले के राजेंद्र ग्राम अमरकंटक जाने वाले मार्ग पर किरर घाट में लैंडस्लाइड को रोकने एमपी आरडीसी विभाग घाट में चट्टानों को गिरने से रोकने के लिए कार्य करा रहा है। 16 करोड़ रुपए की लागत से होने वाला कार्य हरियाणा की एक कंपनी को दिया गया है। कंपनी मार्च महीने से लगातार कार्य कर रही है। बताया गया कि कार्य के दौरान सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है। कार्य के अंतर्गत जो ढीले चट्टान किरर घाट में स्थित है उन्हें सुरक्षा के लिहाज से गिराया जा रहा है जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। चट्टानों के गिरने के दौरान सुरक्षा की अनदेखी भी कार्य स्थल पर बनी रहती है जिससे राहगीरों के घायल होने की आशंका बन जाती है। इस लापरवाही में चट्टान के गिरने से राहगीर घायल भी हो सकते हैं। चट्टानों को गिराने के दौरान आवागमन को भी नहीं रोका जाता है। यहां पर बिना किसी सूचना के मजदूरों द्वारा ढीली चट्टानों को गिराया जा रहा है जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इस दौरान ना तो पहले आवागमन रोका जाता है और ना ही राहगीरों को इसकी सूचना दी जा रही है।
चट्टानों के गिराने के दौरान बनती है जाम की स्थिति

किरर घाट में ढीली चट्टानों को गिराने के दौरान इसके टुकड़े सड़क पर फैल जाते है जिससे सड़क के दोनों ओर जाम की स्थिति बन जाती है। साथ ही जेसीबी वाहन भी तत्काल मौके पर उपस्थित नहीं रहता है बल्कि कई मिनट के बाद जेसीबी को वहां चट्टानों को हटाने के लिए बुलाया जाता है जिस कारण आवागमन करने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। बीते वर्ष भी 15 लाख से किया था कार्य बीते वर्ष किरर घाट में लैंडस्लाइड को रोकने के लिए तथा वर्षा से मार्ग के कटाव को रोकने के लिए 15 लाख रुपए की लागत से कार्य किया गया था जिसके अंतर्गत हनुमान मंदिर मोड़ से मिडवे तक चट्टानों को रोकने पोल लगाते हुए उसमें जाली लगाई गई थी। इसके बाद इस वर्ष भी मार्ग के कटाव तथा चट्टानों को गिरने से रोकने के लिए कार्य जारी है।
अक्टूबर तक पूरा करना है कार्य

एमपीआरडीसी विभाग ने ठेकेदार को आठ माह में कार्य को पूरा करने के लिए यह टेंडर दिया है। 15 मार्च से 15 अक्टूबर तक इस कार्य को ठेकेदार को पूर्ण करना है। साथ ही बीते दिनों अनूपपुर कलेक्टर आशीष वशिष्ठ ने समीक्षा बैठक के दौरान किरर घाट में लैंडस्लाइड रोकने के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए थे। कार्य के दौरान अब घाट प्रारंभ होने से पहले तथा घाट प्रारंभ होने के बाद दोनों ही स्थान पर बैरिकेड लगाकर चट्टानों के गिरने पर आवागमन रोक दिया जाएगा। कार्यस्थल पर जेसीबी मशीन उपलब्ध रहती है पत्थरों को हटाने में ज्यादा समय नहीं लगता है। मुकेश बेले, प्रबंधक एमपीआरडीसी, अनूपपुर

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