
fraud case in sagar
सागर. गोल्ड लोन फर्जीवाड़ा को लेकर जेल में बंद बीना की एक महिला हेडमास्टर ने नौकरी बचाने के लिए संकुल प्राचार्य के साथ मिलकर एक और बड़ा फर्जीवाड़ा कर दिया। वह एक माह से भोपाल की जेल में बंद है और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी। जानकारी न होने पर उसकी चुनाव में ड्यूटी भी लगाई गई। चुनाव प्रशिक्षण से नदारद रहने पर जब जांच कराई गई तो सच सामने आ गया। फर्जीवाड़ा सामने आते ही शिक्षा विभाग ने हेडमास्टर और संकुल प्राचार्य पर कार्रवाई की है।जानकारी के अनुसार बीना के बिहरना प्राइमरी स्कूल की हेडमास्टर भगवती ठाकुर 21 मार्च से भोपाल की जेल में बंद हैं। गोल्ड लोन फर्जीवाड़ा को लेकर आपराधिक मामला चल रहा है। 48 घंटे से अधिक जेल में बंद रहने पर नियमानुसार हेडमास्टर निलंबित हो सकती थीं, इसलिए हेडमास्टर ने संकुल प्राचार्य सूर्यकांत गोस्वामी के साथ मिलकर आपराधिक प्रकरण की जानकारी शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को नहीं दी। इस बीच महिला हेडमास्टर भगवती ठाकुर की लोकसभा चुनाव में भी ड्यूटी लग गई। 2 से 7 अप्रेल तक चले चुनाव प्रशिक्षण में जब हेडमास्टर नहीं आईं तो जिला प्रशासन से बीना के विकासखंड शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी किया गया। नोटिस के बाद संकुल प्राचार्य सूर्यकांत गोस्वामी ने हेडमास्टर के भोपाल जेल में बंद होने की जानकारी छिपाई और कहा कि हेडमास्टर भगवती ठाकुर बीमार हैं और भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती हैं। जब अधिकारियों ने भगवती ठाकुर के अस्पताल में भर्ती होने के दस्तावेज मांगे तो संकुल प्राचार्य दे नहीं सके और हेडमास्टर भगवती ठाकुर फोन से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। संदेह होने पर अधिकारियों ने संकुल प्राचार्य बीना और प्रभारी प्राचार्य देहरी की संयुक्त जांच समिति बनाकर मामले की जांच कराई तो सच सामने आ गया।
फर्जीवाड़ा सामने आने पर संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा विभाग मनीष वर्मा ने संकुल प्राचार्य सूर्यकांत गोस्वामी की एक वेतनवृद्धि रोकी। उन्होंने नोटिस जारी कर कहा कि चुनाव जैसे संवेदनशील कार्य में गंभीर लापरवाही की। समय पर पता नहीं चलता तो जेल में बंद हेडमास्टर का वेतन भी जारी हो जाता। 7 दिन में नोटिस का संतोषजनक जवाब न देने पर एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
जेडी ने जिला शिक्षा अधिकारी को आदेश जारी कर आरोपी हेडमास्टर भगवती ठाकुर को निलंबित करने की कार्रवाई करने निर्देशित किया है। कहा है कि आपराधिक प्रकरण में हेडमास्टर 48 घंटे से अधिक जेल में बंद है, नियमानुसार हेडमास्टर को तत्काल निलंबित किया जाए।
-अचंभित करने वाला मामला सामने आने के बाद जांच करवाई गई थी। जांच के बाद दोषी शिक्षिका को निलंबित करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को आदेशित किया गया है। वहीं महिला शिक्षिका पर आपराधिक प्रकरण व जेल में दाखिल होने की जानकारी छिपाने के कारण स्कूल के प्राचार्य की एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है और उन्हें नोटिस दिया गया है। नोटिस का जवाब संतोषजनक न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
मनीष वर्मा, संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा विभाग।
Published on:
27 Apr 2024 11:00 pm
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