अयोध्या में श्रीराम मंदिर लोकार्पण के बाद भक्तों के लिए एक ओर भावुक पल सोमवार को आया। श्री दादाजी भक्तों की मांग पर श्री दादाजी धाम में मंदिर नव निर्माण का भूमि पूजन शुभ मुहूर्त में पांच देवकन्याओं द्वारा किया गया। कन्याओं द्वारा भूमिपूजन के लिए कुदाली चलाते ही भक्तों की आंखों से खुशी के आंसू झलक पड़े। दोपहर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी श्री दादाजी धाम पहुंचे और समाधि दर्शन, धूनीमाई में हवन के बाद भूमिपूजन स्थल पहुंचे और पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद सीएम धर्मसभा में शामिल हुए।
संत समाज बना भूमिपूजन का साक्षी
श्री दादाजी धाम में करीब 100 करोड़ की लागत से बनने वाले मॉर्बल के नए मंदिर के लिए पहले मुख्यमंत्री संतों के साथ भूमि पूजन करने वाले थे, लेकिन ऐन वक्त पर कार्यक्रम बदला। सोमवार सुबह 11.40 से भूमि पूजन कार्यक्रम आरंभ हुआ। भूमि पूजन के लिए वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पं. अखिलेश शुक्ल द्वारा विधि संपन्न कराई गई। देवकन्याओं के रूप में आश्रम के सेवादारों की बेटियों, जिसमें आरवी सदाशिव गंगराड़े, अर्शिता लंकेश मंडलोई, रंजना डाबर, गोपी गणेश शर्मा, मीरा बावड़े ने कुदाली चलाकर भूमि पूजन किया। भूमि पूजन का संकल्प ट्रस्ट के शांतनु दीक्षित द्वारा लिया गया। इस दौरान संतों में महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानदंपुरी, मलुक पीठाधीश्वर राजेंद्रदास महाराज, पुंडलिक जी महाराज, छोटे सरकार, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गी, इंदौर संभागायुक्त दीपक सिंह, कलेक्टर ऋषव जैन, पुलिस अधीक्षक मनोज राय सहित मंदिर निर्माण समिति सदस्य, ट्रस्टी, भक्त उपस्थित रहे। ट्रस्टी सुभाष नागोरी ने इस पल को अविस्मरणीय बताया।
श्री भव्य मंदिर निर्माण किया जाएगा
दोपहर 4 बजे करीब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मंदिर पहुंचे और पूजा अर्चना कर भूमिपूजन स्थल पर पुष्प अर्पित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि श्री धूनी वाले दादाजी मंदिर का निर्माण 22 एकड़ की भूमि पर 100 करोड़ की लागत नवनिर्माण समिति द्वारा किया जाएगा। ट्रस्ट द्वारा मंदिर का निर्माण कार्य जो संभव हो वो किया जाए, उसके बाद शेष रहे कार्य का निर्माण शासन द्वारा किया जाएगा। मंदिर का निर्माण शिर्डी व अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर विभिन्न चरणों में किया जाएगा। मंदिर निर्माण में संगमरमर का उपयोग होगा। निर्माण कार्य गुरु पूर्णिमा के बाद प्रारंभ किया जाएगा। मंदिर निर्माण में आधुनिक गोशाला, सेवाधारी निवास, पार्किंग व्यवस्था, भक्त निवास, भोजनशाला एवं नर्मदा परिक्रमावासी विश्रामस्थल का निर्माण किया जाएगा।
धर्मसभा का हुआ आयोजन
यहां हरिहर भवन परिसर में धर्मसभा का आयोजन भी हुआ। दादा गुरु महाराज ने कहा कि यह मंदिर निर्माण नहीं एक युग का प्रारंभ होगा। भारत के आध्यात्मिक चारो धामों के बाद किसी धाम की गिनती होती है तो वह है श्री दादाजी धाम जो की पांचवां धाम हैं। ये मंदिर श्रद्धा, सेवा एवं आध्यात्म का पवित्र केन्द्र है। दादा गुरु ने मुख्यमंत्री से महाकाल और ओंकार लोक की तर्ज पर दादाजी लोक बनाने की भी मांग की।
छोटे सरकार ने दिया 6 करोड़ का दान
धर्मसभा के बाद मुख्यमंत्री हरिहर भवन संत निवास में संतों का आशीर्वाद लेने पहुंचे। यहां रामेश्वर दयाल छोटे सरकार महाराज द्वारा श्री दादाजी मंदिर निर्माण को लेकर 6 करोड़ का डीडी मुख्यमंत्री को सौंपा। इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, तुलसीराम सिलावट, विजय शाह, प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनीस, विधायक कंचन तनवे, नारायण पटेल, छाया मोरे, महापौर अमृता यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।