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भीख मांगकर कॉलेज प्रबंधन को देने निकले विद्यार्थी, भ्रष्टाचार के विरोध में अभाविप का अनोखा प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

बीना. शहर के शासकीय पीजी कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं और कथित रिश्वतखोरी के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने मंगलवार को अनोखा प्रदर्शन किया। परिषद के कार्यकर्ता कॉलेज तिराहा पर एकत्रित हुए और दुकानदारों से कटोरा लेकर चिल्लर रुपए भीख के रूप में मांगने लगे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कॉलेज में […]

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Students went out to beg and give alms to the college management, ABVP organized a unique protest against corruption, submitted a memorandum.

ज्ञापन सौंपने तहसील पहुंचे अभाविप कार्यकर्ता

बीना. शहर के शासकीय पीजी कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं और कथित रिश्वतखोरी के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने मंगलवार को अनोखा प्रदर्शन किया। परिषद के कार्यकर्ता कॉलेज तिराहा पर एकत्रित हुए और दुकानदारों से कटोरा लेकर चिल्लर रुपए भीख के रूप में मांगने लगे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कॉलेज में कोई भी काम बिना घूस दिए नहीं होता, इसलिए वह शहर से भीख मांगकर वही रकम कॉलेज प्रबंधन को सौंपेंगे ताकि बुनियादी सुविधाएं सुधारी जा सकें।

परिषद के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कॉलेज में पेयजल व्यवस्था बदहाल है, शौचालयों की सफाई नहीं होती और भवन की सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर है। उनका कहना है कि यदि प्रबंधन के पास संसाधनों की कमी है, तो छात्रों द्वारा जुटाई गई राशि से इन समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। इस प्रदर्शन के दौरान राहगीरों और दुकानदारों में कौतूहल का माहौल बन गया। कई लोग यह देखकर आश्चर्यचकित रह गए कि विद्यार्थी भीख क्यों मांग रहे हैं। पूर्व विधायक महेश राय और शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रामबाबू तिवारी ने भी छात्रों को प्रतीकात्मक रूप से राशि देकर उनके विरोध का समर्थन किया।

कटोरा लेकर पहुंचे तहसील

छात्रों का जुलूस कटोरा लेकर दुकानों से होते हुए तहसील कार्यालय तक पहुंचा। परिषद के अनिकेत कुर्मी ने आरोप लगाया कि विधि कॉलेज में कार्यरत प्यून सोनू बामनिया को केवल इसलिए नौकरी से निकाल दिया गया, क्योंकि वह एक दिन प्राचार्य के घर काम करने नहीं गया था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस दिन कर्मचारी को हटाने का निर्णय लिया गया, उस दिन समिति के सदस्य डॉ. सतीश राय अवकाश पर थे, फिर निर्णय पत्र पर उनके हस्ताक्षर कैसे हो गए। अभाविप ने चेतावनी दी है कि यदि कॉलेज प्रशासन ने शीघ्र व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।