दरअसल, 20 जुलाई को दिल्ली में CJP के बैनर तले एक विशाल विरोध-प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस प्रदर्शन के दौरान तय की गई सीमा और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई, जिससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर असर पड़ा। याचिका में मांग की गई है कि ऐसे आयोजनों के लिए आयोजकों की सीधी जिम्मेदारी तय की जाए और लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए।