
पंचकर्म चिकित्सा कक्ष लोहे की गाडर सड़ी, दीवारे जर्जर, दरवाजे टूटे, लेकिन जिम्मेदार नहीं ले रहे सूध
रतलाम. जिले के जिला अस्पताल परिसर में संचालित हो रही आयुर्वेदिक आयुष विंग, जो जर्जर अवस्था में होने से मरम्मत की राशि स्वीकृत होकर 2023-24 से पड़ी हुई हैं, लेकिन अब तक इसका उपयोग नहीं किया गया। आयुष विंग में पंचकर्म चिकित्सा कक्ष के लोहे की गाडर सड़ चुकी हैं, दीवारे जर्जर होकर दरवाजे टूटे पड़े हुए हैं, जिम्मेदारों सूध नहीं ले रहे हैं।
जिला अस्पताल परिसर में आयुष विभाग मप्र शासन की ओर से संचालित हो रही आयुष विंग में कई सालों से जर्जर अवस्था में खड़ी हैं, साल-दर-साल स्थिति खराब होती जा रही हैं, यहां कभी भी हादसा हो सकता हैं। इसके लिए जिला स्तर से लेकर भोपाल तक जर्जर अवस्था का पता हैं, वरिष्ठालय से भवन सुधार के लिए करीब 9 लाख 40 हजार की राशि वर्ष 2023-24 में स्वीकृत होकर आ चुकी हैं, लेकिन अब तक मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो पाया हैं और न ही जिम्मेदार इस मामले को लगता है गंभीरता से ले रहे हैं।
हर दिन कई मरीज यहां उपचार के लिए पहुंचते
जिला अस्पताल परिसर स्थित ऑडिट भैरव के पीछे आरोग्य हनुमान मंदिर के समीप आयुष विंग पर मरीजों का आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार किया जाता हैं। यहां दो चिकित्सकों की नियुक्ति की गई हैं, जिनका सुबह 9 से 2 बजे और शाम 5 से 6 बजे तक उपचार करने का समय हैं। इसके पंचकर्म की भी व्यवस्था हैं। इसके अलावा एक दवासाज, पंचकर्म कर्मी और चपरासी की नियुक्ति हैं। हर दिन कई मरीज यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं।
ये स्थिति है आयुष विंग की
आयुष विंग के पंचकर्म कक्ष की लोहे की गाडर सड़ चुकी हैं, कमरों में अंधेरा रहता है, दीवारे जर्जर हो रही है, दरवाजे टूटे पड़े हुए हैं। सुविधाघर तक की व्यवस्था सही नहीं हैं। आयुर्वेदिक दवाइयों के रखने तक की व्यवस्थित स्थान नहीं हैं।
स्टीमेट तैयार एप्रुअल दे चुके थे...
पूर्व में प्रभारी डॉ. बलराजसिंह चौहान के बाद जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय अधिकारी रहे डॉ. आशीष राठौर ने राशि के आने के बाद प्रयास कर स्टीमेट तैयार एप्रुअल देकर फाइल हाउसिंग बोर्ड कार्यालय पहुंचाकर और शीघ्र कार्य शुरू करवाने तक की बात हो गई थी। इसके बाद नए जिला अधिकारी आ गए, लेकिन कार्य अब तक आगे नहीं बड़ा।
इनका कहना है...
आयुष विंग भवन जर्जर हो रहा हैं, इसके लिए राशि आई है। एजेंसी बजट कम बता रही हैं, इसलिए उन्होंने मरम्मत करने से मना कर दिया। इस संबंध में पूर्व में भी वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, फिर से पत्र लिखेंगे।
दाताराम जयंत, जिला अधिकारी, आयुर्वेदिक चिकित्सालय
Updated on:
26 Feb 2026 09:40 pm
Published on:
26 Feb 2026 09:38 pm
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