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#Ratlam में मां का अनूठा मंदिर: जिसकी विदेशों में भी चर्चा

रतलाम. शहर के करमदी रोड क्षेत्र में मां का ऐसा अनूठा धाम मंदिर बना हैं, जिसकी पूरे देश ही नहीं विदेशों में भी चर्चा हैं। जयपुर के मार्बल से निर्मित यह मंदिर 32 बाय 70 में बनकर तैयार हुआ है, इस मंदिर चमक भक्तों को आकर्षित कर रही हैं। मई में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा […]

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Sonaana Khetala-Suswani Mata News

मई में तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारी शुरू, देश-विदेश से शामिल होने आएंगे अनुयायी

रतलाम. शहर के करमदी रोड क्षेत्र में मां का ऐसा अनूठा धाम मंदिर बना हैं, जिसकी पूरे देश ही नहीं विदेशों में भी चर्चा हैं। जयपुर के मार्बल से निर्मित यह मंदिर 32 बाय 70 में बनकर तैयार हुआ है, इस मंदिर चमक भक्तों को आकर्षित कर रही हैं। मई में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारी शुरू हो चुकी हैं।


शहर के करमदी रोड पर सोनाणा खेतला-सुसवाणी माता का एक साथ देश का पहला मंदिर रहेगा, जहां अनुयायी दोनों आराध्य के एक साथ दर्शन वंदन पूजन कर सकेंगे। जयपुर मंगवाए मार्बल का उपयोग कर करीब एक-सवा करोड़ की लागत से मंदिर का निर्माण हुआ हैं। जिसमें प्रतिमाओं की विधि विधान से प्राण प्रतिष्ठा 1, 2 व 3 मई को देश-विदेश से आने वाले अनुयायियों की उपस्थिति में होगी।

सोनाणा खेतला-सुसवाणी माता का एक साथ पहला मंदिर
सारंगवास सच्चिया माता के परम भक्त अंकित भटेवरा ने बताया कि मई में प्राण प्रतिष्ठा उत्सव होगा। इसमें दो दिन भजन संध्या का आयोजन होगा। एक दिन गंगाजल वरघोड़ा रहेगा। तीसरे दिन माताजी खेतलाजी और गणेशजी की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा सोनाणा खेतला के परम भक्त राज राजेंद्र भंडारी करेंगे। 3 मई को होने वाली प्रतिष्ठा के लिए गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान एवं मध्यप्रदेश से आए श्रद्धालुओं ने बोली लगाई।

मकराना मार्बल से तैयार मूर्ति और मंदिर
मकराना मार्बल से निर्मित तीन शिखर मंदिर का निर्माण 32 बाय 70 में किया गया है। एक बड़ा सभा मंडप है। इसमें सुसवाणी माता की प्रतिमा 21 इंच की हैं। सोनाणा खेतला की प्रतिमा सवा 15 इंच की हैं। साथ में रिद्धि-सिद्धि सवा 11 इंच की, खेतलाजी की 21 इंच की मूर्ति हैं। सोनाणा खेतला के तीन स्वरूप के दर्शन होंगे। आगामी दिनों में मंदिर परिसर में धर्मशाला, हॉल की योजना भी हैं।

शहर में अनुयायी 80-90 परिवार
भारत में कहें तो सुनाणा खेतला और सुसवाणी माता के अलग-अलग मंदिर हैं, लेकिन यह पहला मंदिर होगा जब दोनों की एक स्थान पर प्राण प्रतिष्ठा की जा रही हैं। मंदिर का मार्बल और मूर्तियां मार्बल से निर्मित हैं। अनुयायी सुराणा, दुग्गड़, साखला के रतलाम में 80-90 घर हैं। तीन दिवसीय प्रतिष्ठा महोत्सव में 7-8 हजार देश-विदेश से अनुयायी शामिल होने का अनुमान है।