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सीतामढ़ी में बनेगा जिले का सबसे बड़ा जलाशय, 34 गांव होंगे लाभान्वित

जल उपलब्धता क्लियरेंस मिलने के बाद प्रक्रिया शुरू हुई, डीपीआर तैयार कर भेजा प्रस्ताव, 10 हजार से अधिक किसानों को मिलेगा लाभ
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Sandeep Tiwari

Jun 01, 2025

श्री राम वन गमन स्थल में शामिल धार्मिक स्थल सीतामढ़ी को एक और नई पहचान मिलने वाली है। यहां जिले का सबसे बड़ा जलाशय बनाया जाएगा इसके लिए विभाग में तैयारी प्रारंभ कर दी है और जल्द ही इस पर कार्य प्रारंभ होगा। जल संसाधन विभाग ने बताया कि यहां पर बीते कई वर्षों से बांध बनाने का कार्य प्रस्तावित था लेकिन इस पर कार्य शुरू नहीं हो पाया था। जैसे ही जल उपलब्धता क्लीयरेंस विभाग को मिला इस पर कार्य शुरू कर दिया गया है। डीपीआर तैयार करते हुए विभाग को इसके लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा जिस पर आगामी दिनों में कार्य प्रारंभ होना है।

12 वर्षों से प्रस्तावित थी योजना

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 12 वर्षों से यह योजना लंबित पड़ी हुई थी, जल उपलब्धता क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण योजना का कार्य विभाग प्रारंभ नहीं कर पाया था लेकिन अब कार्य प्रारंभ कर डीपीआर तैयार की जा रही है। जानकारी के अनुसार जलाशय निर्माण से कोठी, उरतान, गढ़ी, निमहा, कोरया, गुलीडाड, के साथ ही इसे लगे हुए कई ग्राम प्रभावित होंगे।

133 मिलियन घन मीटर क्षमता का होगा जलाशय

यहां 133 मिलियन घन मीटर क्षमता का जलाशय निर्मित किया जाएगा। निर्माण 34000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में किया जाएगा, केवई नदी से जलाशय में जल भराव किया जाएगा। सीतामढ़ी जलाशय का निर्माण होने के बाद नहर के माध्यम से किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा जिससे 34 गांव के 10 हजार से अधिक कृषक लाभान्वित होंगे। वर्तमान में यहां के कृषक सिर्फ एक फसली खेती ही करते हैं जलाशय के निर्माण के बाद दो फसली खेती यहां पर हो सकेगी।

सर्वे का कार्य किया जा रहा है जल्द ही डीपीआर तैयार कर वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जाएगा।

केपी कडिय़ाम, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग