
सफलता की प्राप्ति के लिए देश दुनिया में तकरीबन हर व्यक्ति लगातार प्रयास करता रहता है। सामान्यत: इसके लिए वह अपने जीवन के 18 से 25 वर्षों के बीच सबसे अधिक मेहनत करते हुए जल्द से जल्द सफलता प्राप्त करना चाहता है। खास बात ये है कि आपने भी कई बार देखा होगा कि बहुत से लोग अत्यधिक मेहनत करते हैं, लेकिन इसका लाभ उन्हें नहीं मिल पाता।
ज्योतिष के जानकारों के अनुसार दरअसल कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनकी किस्मत शादी के बाद खुलती है। ऐसे जातकों की जैसे ही शादी होती है इनके जीवन में सफलता कदम चूमने लगती है।
दरअसल जानकारों के अनुसार हस्तरेखा विज्ञान के मुताबिक हाथों में कुछ ऐसी रेखाएं भी होती हैं, जो शादी के बाद जीवन में सफलता और तरक्की का संकेत देती हैं। ऐसे में जिन लोगों के हाथों में ये रेखाएं होती हैं उनकी किस्मत का पिटारा तमाम कोशिशों के बावजूद शादी के बाद ही खुलता है और इसके बाद ये जीवन में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखते। ऐसे लोगों का जीवन शादी के बाद पूरी तरह से पलट जाता है। तो चलिए जानते हैं हाथों की इन रेखाओं के बारे में...
- हाथ की हथेली में एक भाग्य रेखा होती है। अधिकतर यह भाग्य रेखा चंद्र पर्वत से निकलकर हृदय रेखा को पार करते हुए शनि पर्वत तक पहुंचती है। लेकिन यदि भाग्य रेखा हृदय रेखा पर आकर मिल जाए और एक शाखा इससे निकलकर मस्तिष्क रेखा तक पहुंचकर क्रॉस का निशान बना दे, तो ऐसे जातक शादी के बाद जीवन में ऊंचाइयों को प्राप्त कर पाते हैं। साथ ही ऐसे जातकों को मेहनत भी बहुत करनी पड़ती है।
- वहीं यदि भाग्य रेखा दो मुखी है तो ऐसे जातक के जीवन में आय के दो स्रोत बनते हैं। ऐसे अधिकांश जातक नौकरी के साथ-साथ व्यापार भी करते हैं।
- इसके अलावा वे लोगों जिनके हाथ में भाग्य रेखा हृदय रेखा पर ही आकर रुके तो ऐसे जातकों के जीवनसाथी समान कार्य करते हुए आगे बढ़ते हैं। ज्यादातर ऐसे जातकों के जीवनसाथी एक ही प्रोफेशन के होते हैं।
हाथ के ये निशान भी होते हैं बेहद खास...
हथेली में मौजूद रेखाओं के रहस्य के संबंध में कई जानकारों का कहना है कि ये रेखाएं कई खास चीजों के बारे में इशारा करते हुए बताती हैं, जिनमें मुख्य रूप से इनके अनुसार व्यक्ति का जीवन कैसा बीतेगा, उसके पास कितना पैसा होगा, वह भाग्यशाली होगा या नहीं और उसकी सेहत कैसी रहेगी आदि।
इन रेखाओं के साथ ही हथेली पर कुछ विशेष निशान भी मौजूद होते हैं जिनमें से कुछ शुभ तो कुछ अशुभ माने जाते हैं। इन्हीं निशानों में दो निशान ऐसे भी होते हैं जो एक विशेष योग का निर्माण करते हैं और इस योग को लक्ष्मी-विष्णु योग कहा जाता है।
लक्ष्मी-विष्णु योग के संबंध में मान्यता है कि जिस किसी के हाथ में यह होता है वह धन के साथही वैभव और आराम से भरी जिंदगी जीता है। इसके अलावा जिनके हाथ में इस योग का निर्माण होता है वह बेहद धनवान और वैभवशाली होते हैं। ऐसे में हर कोई जानना चाहता है कि ऐसे कौन से दो निशान होते हैं, जिनसे मिलकर लक्ष्मी-विष्णु योग का निर्माण होता है।
तो इस संबंध में हस्तशास्त्र के जानकार श्रीवास्तव के अनुसार शास्त्रों में हथेली पर स्वस्तिक का निशान अत्यंत शुभ माना जाता है। और यह निशान भगवान विष्णु से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में ये भी देखने में आता है कि जिस व्यक्ति की हथेली पर स्वस्तिक का निशान मौजूद होता है, वह जीवन की हर परेशानी से बाहर निकल आते हैं। साथ ही ऐसे लोगों का हमेशा भाग्य साथ देता है।
लेकिन ऐसे लोगों में खास बात ये भी होती है कि ये लोग भाग्य के सहारे न बैठते हुए सदैव ही कर्मठ बने रहते हैं। ऐसे लोगों के संबंध में कहा जाता है कि ये एक बार जिस चीज को पाने की सोच लेते हैं उसे अपनी मेहनत से पा कर ही रहते है वहीं इसमें इनका भाग्य भी विशेष साथ देता है। ये निशान अधिकांश भाग्य रेखा पर स्थित होता है।
वहीं इसी स्वस्तिक की तरह ही हथेली पर कमल का निशान भी ज्योतिष में बेहद शुभ माना गया है। इस निशान को धन की देवी मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता के अनुसार इस निशान के हाथ वालें पर हमेशा माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। सााि ही ऐसे लोगों के आसपास दरिद्रता कभी फटकती तक नहीं है। माना जाता है कि ऐसे लोगों के जीवन में धन की कभी कमी नहीं होती।
ऐसे में यदि स्वस्तिक और कमल का निशान किसी एक ही व्यक्ति के हाथ में मौजूद हों, तो ये निशान मिलकर विष्णु-लक्ष्मी योग का निर्माण करते हैं। माना जाता है कि ऐसे व्यक्ति को जीवन में सदैव भाग्य और धन दोनों का साथ मिलता है। जिसके कारण ये लोग वैभवशाली जीवन तो बिताते ही हैं, इनका जीवन अत्यंत खास भी रहता है। इसका कारण ये माना जाता है कि ऐसे लोगों को पूरे जीवन में कोई परेशानी ज्यादा दिक्कत नहीं दे पाती।
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