
शासन ने अनुदान योजनाओं का लाभ किसानों को देने खरीफ सीजन में शुरू किया डिजिटल पेमेंट वाउचर का पायलट प्रोजेक्ट
कृषि यंत्र समेत सामग्री की खरीदी कर सकेंगे
सरकार किसानों को खाद-बीज और कृषि यंत्र खरीदी के लिए इ-रुपीज कूपन देगी। इस कूपन से किसान सीधे बाजार में पंजीकृत डीलर्स से अपनी पसंद का कृषि यंत्र समेत सामग्री की खरीदी कर सकेंगे। किसानों को खरीदी से पहले अनुदान राशि का कूपन मिलेगा।योजना का लाभ किसान ऐप पर रजिस्टर्ड किसानों को मिलेगा। जिले में दस से 12 हजार किसान पंजीकृत हैं।
प्रदर्शन बीज को छोड़कर शेष सामग्री कैश डीबीटी
शासन ने खाद्य एवं पोषण सुरक्षा दलहन योजना में फसल प्रदर्शन बीज घटक को छोड़कर शेष अदान सामग्री कैश डीबीटी है। इसी तरह अनुदान योजनाओं में किसानों को सामग्री क्रय कर उप संचालक कार्यालय में बिल प्रस्तुत करना होता है। इस प्रक्रिया में समय अधिक लगने से उपयोग नहीं कर पाते थे। अब अनुदान राशि, सामग्री खरीदी से पूर्व इ-रुपए वाउचर रूप में देने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। खरीफ सीजन में इस योजना का क्रियान्वयन प्रदेशभर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है। इस योजना में केंद्र एवं राज्य की सभी अनुदान वाली योजनाओं का लाभ किसानों को मिल सकेगा।
डिजिटल पेमेंट वाउचर जारी होंगे
किसानों को इ-रूपए वाउचर राष्ट्रीय भुगतान निगम ( एनपीसीआई ) के सहयोग से लांच किया गया है। यह मूल रूप से किसानों के लिए डिजिटल पेमेंट वाउचर है। इस वाउचर में बीज क्रय के लिए नगद सब्सिडी का लाभ मिलेगा। इसे सीधे लाभार्थी के मोबाइल नंबर पर एसएमएस के रूप में भेजा जा सकता है। लाभार्थी किसी भी पंजीकृत बीज विक्रेता से बीज क्रय करके इ-रूपए का वाउचर उपयोग कर सकेगा। इ-रूपीज वाउचर का नगदीकरण भुगतान सिर्फ बीज क्रय के लिए कर सकेगा। प्रदर्शन बीज में उपयोग होने वाली खाद की भी खरीदी कर सकता है।
नया अकाउंट खोलना होगा
इस योजना में इ-रूपए वाउचर लाभार्थी को बैंक खाता जरूरी नहीं है। लेकिन पंजीकृत डीलर्स को नया बैंक एकाउंट भोपाल में खोलना होगा। इ-रूपए वाउचर कैश लेस पेमेंट का तरीका है। जो किसानों को कार्ड डिजिटल पेमेंट ऐप या इंटरनेट बैंकिंग एक्सेस के बिना वाउचर को रिडीम करने में मदद करेगा। इस लिए इ-रूपए वाउचर के लाभार्थी को बैंक खाता की जरूरत नहीं है।
ऐसे जारी होंगे इ-रूपए वाउचर
कृषि विस्तार अधिकारी पात्र किसान का निर्धारित प्रपत्र में चयन करेगा। दस्तावेज सत्यापन कर डीडीए कृषि को उपलब्ध कराएगा। इसके बाद डीडीए इ-रूपए के लिए राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्थान सीएट भोपाल के बैंक खाते में इ-रूपीज वाउचर की राशि को भेजी जाएगी। डीडीए चयनित किसान को फसलवार इ-रुपीज वाउचर जारी करने बैंक के पोर्टल पर हितग्राहियों की लिस्ट अपलोड करेगा। एवं चैकर के माध्यम से इ-रूपीज जारी करेगा।
विक्रेता होंगे ऑनबोर्ड
डीडीए कृषि को कम से कम पांच निजी एवं सहकारी क्षेत्र के खाद, बीज का क्लस्टर बनाना होगा। इसमें ऐसे विक्रेता जो विकास खंड के नजदीक होंगे। उनको ऑनबोर्ड किया जाएगा। विक्रेताओं को बैंक से एप्लीकेशन डाउनलोड कराएंगे। जिससे इ-रूपीज वाउचर रिडीम किया जा सके।
ऐसे होगा इ-रुपीज वाउचर का उपयोग
-कृषक केे पास बैंक खाता से लिंक मोबाइल नंबर जरूरी है। जिस पर एसएमएस, क्यूआर कोड कृषक को प्राप्त होगा। विक्रेता को देने पर किसान के पास ओटीपी आएगी। उस ओटीपी को विक्रेेता को बताना हाेेेगा। तत्काल विक्रेता के खाते में वाउचर रिडीम हो जाएगा।
वर्जन...
खरीफ सीजन से इ-रूपीज वाउचर की प्रक्रिया शुरू की गई है। शासन ने किसानों की सुविधा के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है। इसमें केंद्र व राज्य की कृषि योजनाओं का लाभ किसानों को मिल सकेगा। फील्ड में कर्मचारियों को दूसरा प्रशिक्षण देकर शुरू कर दिया जाएगा।
केसी वास्कले, डीडीए, कृषि
Updated on:
26 Jun 2024 11:43 am
Published on:
26 Jun 2024 11:40 am
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