जिले का एक ऐसा गांव जहां 200 घर में से 100 घरों में अवैध कच्ची शराब का धंधा हो रहा है। हालात ये है कि दिनभर मजदूरी करने के बाद गांव के पुरुष शराब पर पूरी मजदूरी उड़ा रहे है। आसपास के गांवों में ये गांव शराबी गांव के नाम से कुख्यात हो रहा है। इस गांव में कोई अपनी बेटी भी नहीं देना चाहता है। शराब के चलते रोजाना परिवारों में विवाद हो रहे है।
ये व्यथा है पंधाना ब्लॉक अंतर्गत पिपलौद थाना क्षेत्र के गांव पांच बेड़ी की। मंगलवार को गांव से बड़ी संख्या में आई महिलाओं ने अधिकारियों को अपनी पीड़ा बताई। महिलाओं ने बताया कि लगभग 100 मकानों में कथित रूप से कच्ची शराब बनाई और बेची जा रही है। गांव में उपलब्ध सस्ती शराब के कारण हमारे युवा बच्चे नशे की लत का शिकार होकर निकम्मे हो गए है। नशे के शौकीन होने के कारण कोई भी पिता अपनी बेटी का विवाह गांव के युवा लडक़ों से नहीं करना चाहता। पिपलौद पुलिस का भी कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। सरपंच भी शराब बेचने वालों से बुराई मोल नहीं लेना चाहता। गांव की स्थिति बहुत गंभीर है। प्रशासन का हस्तक्षेप बहुत आवश्यक है, अन्यथा युवा पीड़ी समय पूर्व ही मौत को गले लगा लेगी। महिलाओं ने मांग की कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अविलंब कार्रवाई करने की कृपा करे, अन्यथा महिलाओं को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।