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निगम में सुविधा व नौकरी करना चाहते हैं, पर फोन नहीं उठाते, ऐसे अधिकारियों की शिकायत के लिए सेल बनाई जाए

हाईकोर्ट की युगल पीठ ने बुधवार को नगर निगम के अधिकारियों पर तल्ख टिप्पणी की है। देखने में आ रहा है कि अधिकारियों को आम लोग शिकायत के लिए फोन लगाते हैं, लेकिन वह फोन नहीं उठा रहे हैं।
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ग्वालियर

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Balbir Rawat

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Updated: 4 Sep 2025, 3:32 PM IST

municipal corporation gwalior

municipal corporation gwalior

हाईकोर्ट की युगल पीठ ने बुधवार को नगर निगम के अधिकारियों पर तल्ख टिप्पणी की है। देखने में आ रहा है कि अधिकारियों को आम लोग शिकायत के लिए फोन लगाते हैं, लेकिन वह फोन नहीं उठा रहे हैं। ये अधिकारी नगर निगम में नौकरी करने के साथ-साथ सुविधा भी चाहते हैं, पर काम करना नहीं। जो अधिकारी लोगों के फोन नहीं उठाते हैं, उनकी शिकायत के लिए सेल बनाई जाए, जिससे उनकी मॉनीटरिंग हो सके। मिस्टर कमिश्नर अधिकारियों को अपना रवैया बदलने के लिए भी कहें। इसके अलावा कोर्ट ने बारिश के दौरान हो रही शहर की हालत के बारे में भी बताया।

दरअसल हाईकोर्ट ने दो अलग-अलग जनहित याचिकाओं की सुनवाई की। एक जलभराव व दूसरा लैंडफिल साइट को लेकर दायर जनहित याचिका की। कोर्ट ने कहा कि इस बार बारिश अधिक हुई। जुलाई में शहर में कीचड़ हो रहा था। बीच में बारिश बंद होने पर थोड़ी राहत मिली, लेकिन पिछले दो दिन से हो रही बारिश के कारण फिर से वैसी ही स्थिति बन गई है। क्या इसका कोई हल नहीं है। इसको लेकर नगर निगम आयुक्त संघप्रिय ने कहा कि 149 जगह चिह्नित की हैं। इन जगहों पर जलभराव न हो, उसका स्थायी समाधान निकाल रहे हैं। नालियों से अतिक्रमण हटा रहे हैं और नई नालियां बनाने का प्रस्ताव है। निचले इलाकों में वाटर पंप लगाए जाएंगे।

इन दो जनहित याचिकाओं पर हुई सुनवाई

- सरताज सिंह तोमर ने केदारपुर लैंडफिल साइट पर लगे कचरे को ढेर को लेकर जनहित याचिका दायर की है। साइट पर लगातार कचरा बढ़ रहा है, लेकिन निगम कचरे का निस्तारण नहीं कर पा रही है।

- कैप्टन उद्देश्य सिंह भदौरिया ने शहर में होने वाले जलभराव को लेकर जनहित याचिका दायर की है। बारिश में सीवर लाइनों उफ रही हैं। यह इसका पानी जगह-जगह भर रहा है। इससे डेंगू व मलेरिया, चिकुनगुनिया जैसी बीमारियां फैलती हैं। हर साल शहर की हालत खराब हो जाती है, लेकिन नगर निगम ने स्थायी समधान नहीं निकाला है।

डीपीआर स्वीकृत हुई, कोर्ट में पेश किया जवाब

- नगर निगम ने तीन प्रोजेक्ट के संबंध में अपना जवाब पेश किया। वेस्ट टू एनर्जी व सेनेट्री लैंडफिल साइट की डीपीआर शासन से स्वीकृत हो गई है। इसके स्वीकृत होने के बाद अब अगले चरण में जाएंगे।

- बायोगैस प्लांट के टेंडर जारी कर दिए हैं। टेंडर खुलने के बाद अगली प्रक्रिया की जाएगी।

हाईकोर्ट में यह दिए सुझाव

- न्यायमित्र व याचिकाकर्ताओं ने सुझाव दिए। नगर निगम को गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई बढ़ानी है। इसके अलावा शहर में औद्योगिक क्षेत्र हैं, इनके पास सीएसआर फंड होता है। इस फंड से भी नगर निगम पैसा लेने की पहल कर सकती है।

- यदि औद्योगिक क्षेत्र अपनी कचरा गाड़ी शुरू करते हैं तो निगम से पर दबाव कम होगा। इस दिशा में भी पहल करना चाहिए।

- शहर की समस्याओं के स्थायी समाधान बताने के लिए कमेटी का गठन किया जाना है। इसको लेकर अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने कमेटी में विशेषज्ञों के नाम सुझाए।

- डेरियों का गोबर व चारा सीवर में जा रहा है, जिससे जाम हो रही है। इन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।