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आज का पंचांग 06 अक्टूबर 2018: शनि प्रदोष

आज का पंचांग 06 अक्टूबर 2018: शनि प्रदोष
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भोपाल

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Tanvi Sharma

Oct 06, 2018

panchang

आज का पंचांग 06 अक्टूबर 2018: शनि प्रदोष

ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल

राष्ट्रीय मिति आश्विन 14 शक संवत् 1940 आश्विन कृष्ण द्वादशी शनिवार विक्रम संवत् 2075। सौर आश्विन मास प्रविष्टे 20, मुहर्रम 25 हिजरी 1440 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 6 अक्टूबर सन् 2018 ई०। दक्षिणायण, दक्षिण गोल, शरद् ऋतु।

राहुकाल प्रातः 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। द्वादशी तिथि सायं 4 बजकर 41 मिनट तक उपरांत त्रयोदशी तिथि का आरंभ, मघा नक्षत्र सायं 5 बजकर 11 मिनट तक उपरांत पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का आरंभ, शुभ योग रात्रि 11 बजकर 49 मिनट तक उपरांत शुक्ला योग का आरंभ, तैतिल करण सायं 4 बजकर 41 मिनट तक उपरांत वणिज करण का आरंभ।

आज के मुहर्त- अनुकूल समय में कृषि भूमि का हस्तांतरण करने के लिए शुभ मुहूर्त है।

चन्द्रमा दिन रात सिंह राशि पर संचार करेगा। आज ही शनि प्रदोष व्रत, सन्यासियों का श्राद्ध, बुध तुला में मध्याह्न 12 बजकर 42 मिनट, गजछाया योग सायं 4 बजकर 41 मिनट से 05 बजकर 11 मिनट तक, द्वादशी का श्राद्ध।

आज जन्म लिए बच्चों के नाम (मू, मे, मो, टा, टी) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिये बच्चे की मूलशांति अवश्य कराएं। ऐसे जातक शरीर से सुदृढ़ होंगे। अल्पमित्रता व अस्थिर स्वभाव के होंगे। स्वतंत्र कार्य में माहिर होंगे। भौतिक सुख की विशेश लालसा रहेगी।

पंचांग क्या है

पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।