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आज का पंचांग 23 सितंबर 2018

आज का पंचांग 23 सितंबर 2018
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भोपाल

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Tanvi Sharma

Sep 23, 2018

aaj ka panchang

आज का पंचांग 23 सितंबर 2018

ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल

राष्ट्रीय मिति आश्विन 01 शक संवत् 1940 भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी रविवार विक्रम संवत् 2075। सौर आश्विनी मास प्रविष्टे 7 मुहर्रम 12 हिजरी 1440 तदनुसार अंग्रेजी तारीख 23 सितम्बर सन् 2018 ई०। दक्षिणायण, दक्षिण गोल, शरद ऋतु।

राहुकाल सायं 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक। चतुर्दशी तिथि सूर्योदय से अगले दिन प्रातः 7 बजकर 18 मिनट तक उपरांत पूर्णिमा तिथि का आरंभ, शतभिषा नक्षत्र रात्रि 9 बजकर 50 मिनट तक उपरांत पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र का आरंभ, शूल योग अगले दिन तड़के 4 बजकर 12 मिनट तक उपरांत गण्ड योग का आरंभ, गर करण सायं 6 बजकर 31 मिनट तक उपरांत वणिज करण का आरंभ।

आज के मुहर्त- अनुकूल समय में श्रीगणपति विसर्जन करने के लिए शुभ मुहूर्त है।

चंद्रमा दिन रात कुंभ राशि पर संचार करेगा। आज ही अनन्त चतुर्दशी व्रत, मेला बाबा सोढ़ल (जालन्धर) पंजाब, गुरू विशाखा नक्षत्र में अर्धरात्रोत्तर 2 बजकर 38 मिनट, सूर्य सायन तुला राशि में प्रातः 7 बजकर 24 मिनट, दक्षिण गोल प्रारम्भ, शक आश्विन प्रारंभ, कदली व्रत।

आज जन्म लिए बच्चों के नाम (सा, सी, सू, से, सो) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिए बच्चे शरीर से स्थूल होंगे। इन्हें भौतिक जीवनशैली से लगाव रहेगा। एक अच्छे लेखक भी होंगे। विज्ञान विषय में महारत रहेगी। पैतृक संपत्ति का अच्छे से निर्वाह करेंगे।

पंचांग क्या है

पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।