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बनास नदी में दर्दनाक हादसा: पत्नी को बचाने पति भी कूदा, पर नहीं रोक पाया बहाव

जिले में बुधवार को बनास नदी पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। राज्यावास निवासी दंपति जब पुलिया पार कर रहे थे

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Banas River

Banas River

पीपली आचार्यान(राजसमंद). जिले में बुधवार को बनास नदी पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। राज्यावास निवासी दंपति जब पुलिया पार कर रहे थे, तभी बाइक असंतुलित होने से पत्नी नदी में बह गई। पत्नी को बचाने के लिए पति भी नदी में कूद पड़ा, पर तेज बहाव के सामने असहाय साबित हुआ। पति तो जैसे-तैसे किनारे पर निकल आया, लेकिन पत्नी का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

कैसे हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, राज्यावास निवासी विजयसिंह रावल (57) पुत्र भानसिंह रावल व उनकी पत्नी निर्मला कंवर (53) सुबह बाइक से मोही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गए थे। वापसी में करीब सुबह 11 बजे वे जैसे ही मोही-बनास नदी की पुलिया से गुज़रे, बाइक पुलिया के गड्ढे में उछल गई। इस झटके से निर्मला का संतुलन बिगड़ गया और वे सीधे पुलिया पर बहते पानी में गिर पड़ीं। जैसे ही पत्नी पानी में गिरी, विजयसिंह ने बिना सोचे-समझे नदी में छलांग लगा दी। कुछ देर तक दोनों पति-पत्नी बहते रहे। निर्मला मदद के लिए पुकारती रही, लेकिन तेज धारा ने उसे दूर खींच लिया। विजयसिंह ने पूरी कोशिश की, पर हाथ नहीं पहुंच पाया।

पति भी घायल

नदी की तेज़ लहरों से जूझते हुए विजयसिंह को भी कई जगह चोटें लगीं और शरीर से खून बह निकला। घायल अवस्था में वे किसी तरह किनारे तक पहुंचे। वहां मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें संभाला। इस दर्दनाक दृश्य को देखकर ग्रामीण भी सन्न रह गए।

प्रशासन और बचाव दल मौके पर

घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में हड़कंपमच गया। कांकरोली थानाधिकारी हंसराम जाप्ते सहित मौके पर पहुंचे। तहसीलदार विजय कुमार रैगर और पटवारी रोहित पालीवाल भी तुरंत पहुंचे। ग्रामीणों की भारी भीड़ नदी किनारे जमा हो गई। मोही, राज्यावास, पीपली आचार्यान, नवलपुरा, ओड़ा, बड़लिया सहित आसपास के गांवों से लोग वहां पहुंचने लगे। इधर, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीम भी बोट लेकर मौके पर पहुंची और नदी में तलाश शुरू की। शाम तक लगातार तलाशी अभियान जारी रहा, लेकिन महिला का कोई पता नहीं चला।

सामाजिक पहलू

बताया जा रहा है कि निर्मला कंवर राज्यावास बस स्टैंड स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आशा सहयोगिनी के पद पर कार्यरत थीं। उनके गुम हो जाने से गांव व क्षेत्र में शोक और बेचैनी का माहौल है। ग्रामीण दंपति की आपसी निष्ठा और हादसे के दर्दनाक दृश्य को बार-बार याद कर भावुक हो रहे हैं।