
valentine day 2023
Valentine Week 2023: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की दशा और स्थिति परिवर्तन का व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर पड़ता है। यह करियर, स्वास्थ्य, व्यापार और वैवाहिक जीवन सभी को प्रभावित करती है। आपको अपना सोलमेट कब मिलेगा, ये भी ग्रहों की स्थिति से कुंडली में बनने वाले प्रेम योग पर निर्भर करता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार प्रेम योग का निर्माण शुक्र, चंद्रमा और मंगल ग्रह की स्थिति पर निर्भर करता है, जिन लोगों की कुंडली में प्रेम योग नहीं बनता या कमजोर रहता है, उसको अपना सोलमेट और सच्चा प्यार नहीं मिल पाता।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र ग्रह को पति-पत्नी, प्रेम और भोग विलास का कारक माना गया है। यानी जीवन में सच्चा प्यार पाने के लिए कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति अच्छी होनी चाहिए। इसके साथ ही चंद्रमा और मंगल की भी स्थिति अच्छी होनी चाहिए। जब ये तीनों आपके लिए ग्रह लाभ की स्थिति में होते हैं तो आपके लिए प्रेम योग बनता है और प्रेम विवाह होता है।
इन स्थितियों में जातक को होता है प्यार
1. ज्योतिष के अनुसार किसी व्यक्ति की कुंडली में जब मंगल, राहु या शनि एक साथ बैठे हों, तब प्रेम योग बनता है।
2. किसी इंसान की कुंडली में सप्तमेश पर शुक्र, राहु या शनि की दृष्टि पड़ रही है तो प्रेम विवाह के योग बनते हैं।
3. जब कुंडली में मंगल और शुक्र के समायोजन से योग का निर्माण हो रहा हो या इन दोनों ग्रहों में आपस में संबंध होता है तो जातक किसी के प्रेम के रंग में रंग सकता है।
4. यदि कुंडली के पांचवे भाव में राहु और केतु दोनों विराजमान हों तो उस समय जातक का प्रेम विवाह होने का प्रबल योग होता है।
6. कुंडली में प्रेम का ग्रह शुक्र के चंद्रमा के लग्न भाव के पांचवे या नौवें भाव में स्थित होने पर व्यक्ति का प्रेम विवाह होता है।
7. पांचवे और सातवें भाव के स्वामी के कुंडली में एक साथ बैठे होने पर जातक के जीवन में प्रेम दस्तक दे सकता है।
कुंडली में प्रेम योग बनाने के लिए यह उपाय करें
ज्योतिष शास्त्र में हर समस्या का कोई न कोई हल बताया गया है, जिन जातकों की कुंडली में प्रेम योग नहीं बनता उन्हें हर गुरुवार मंदिर जाकर प्रसाद चढ़ाना चाहिए और इस प्रसाद को दूसरों को भी बांटना चाहिए। ऐसा करने से कुंडली में प्रेम योग बनेगा।
Updated on:
10 Feb 2023 01:58 pm
Published on:
10 Feb 2023 01:56 pm
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