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उपेक्षा का शिकार: हायर सेकंडरी स्कूल के छत पर उग आए पेड़, दीवारों में पड़ी दरार

गोलहटा में खंडहर भवन में संचालित हो रहा स्कूल सतना. जिले में दूसरे स्थान पर और ब्लॉक में प्रथम रामपुर बाघेलान क्षेत्र का शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल गोलहटा उपेक्षा का शिकार है। खंडहर भवन में विद्यालय चल रहा है। शिक्षा विभाग की उदासीनता के कारण छत पर पेड़ उग आए हैं। विद्यालय की शत-प्रतिशत दीवारों […]

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हायर सेकंडरी स्कूल के छत पर उग आए पेड़, दीवारों में पड़ी दरार

हायर सेकंडरी स्कूल के छत पर उग आए पेड़, दीवारों में पड़ी दरार

गोलहटा में खंडहर भवन में संचालित हो रहा स्कूल

सतना. जिले में दूसरे स्थान पर और ब्लॉक में प्रथम रामपुर बाघेलान क्षेत्र का शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल गोलहटा उपेक्षा का शिकार है। खंडहर भवन में विद्यालय चल रहा है। शिक्षा विभाग की उदासीनता के कारण छत पर पेड़ उग आए हैं। विद्यालय की शत-प्रतिशत दीवारों में दरार पड़ गई है। भवन कब गिर कर धराशायी हो जाए, कोई नहीं जानता। एक-दो कमरों को छोड़ दिया जाए तो बीते दो दशक से कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। खौफ इतना है कि जर्जर भवन के कारण बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को इस स्कूल में भेजने से बचते हैं।
कक्षा 6 से 12वीं तक के 250 छात्र
प्राचार्य प्रमेश शर्मा ने बताया कि स्कूल में कक्षा 6 से 12वीं के बीच 250 छात्र पढ़ाई करते हैं। इसमें 175 बच्चियां हैं। 19 शिक्षक, 3 चतुर्थ श्रेणी और 1 लिपिक हैं। भवन के 12 कमरे जर्जर हैं। सिर्फ एक हाल नया बनाया गया है। कला, गणित और विज्ञान समूह की पढ़ाई होती है। कक्षा 9 में 38, 10वीं में 42, 11वीं में 42 और 12वीं में 27 बच्चों का दाखिला है। वहीं कक्षा 6 से 8वीं के बीच 100 बच्चे पढ़ते हैं।
12वीं में स्कूल ने दिया बेहतर परिणाम
अभाव झेल रहे इस स्कूल का शैक्षणिक रिकॉर्ड अच्छा है। सतना-मैहर जिले में कक्षा 12वीं का रिजल्ट सत्र 2023-24 में गोलहटा हायर सेकेंडरी स्कूल का दूसरे नंबर पर रहा है। वहीं रामपुर बाघेलान विकासखंड में प्रथम आया है।
175 बच्चियों के बीच एक शौचालय, खुले में जाने को मजबूर
भवन में 175 बच्चियों के बीच सिर्फ एक शौचालय है। कई बच्चियों को इस कारण खुले में जाना पड़ता है। खुले में जर्जर भवन के बीच का किनारा है। एक तरफ की बाउंड्री वाल तक नहीं है। स्कूल परिसर ढाई एकड़ का है। गांव वालों का कहना है कि 1985-90 के बीच बकिया बराज बना था। तब बचे टीन शेड स्कूल में लग गए थे। भवन 20 से 25 वर्ष पुराना है, जो पूरी तरह ध्वस्त करने योग्य है। पूर्व प्राचार्य ने एक बार डीईओ कार्यालय को प्रत्राचार किया था, पर विभाग ने अमल नहीं किया। जर्जर भवन को देख क्षेत्र के बच्चे शहर में पढ़ते हैं, जबकि मजबूर बच्चियां गांव में अध्ययन करती हैं।
नए भवन के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा
शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल गोलहटा के भवन का प्रस्ताव बनवाकर वरिष्ठ अधिकारियों को भिजवाते हैं। शायद डीएमएफ फंड, सांसद या विधायक मद से बन जाए। न बनने पर शासन को भिजवाएंगे।
-टीपी ङ्क्षसह, डीईओ