
भोपाल। कई लोगों की ख्वाहिश रहती है कि वे विदेश यात्रा (Videsh Yatra Yoga In Kundli) पर जाएं या फिर कोई सोचता है कि वह विदेश जाकर बस जाए। क्या आप भी विदेश जाने का सपना देखते हैं? या विदेश में बसने की आपकी भी ख्वाहिश है, जो पूरी नहीं हो रही है। इस लेख में पत्रिका.कॉम आपको बता रहा है कि (Videsh Yatra Yoga In Kundli) आपकी विदेश यात्रा तभी संभव है, जब आपकी कुंडली में इसके योग हों। इसीलिए विदेश जाना हर किसी की किस्मत में नहीं होता। किस्मत की ये बात कुंडली के ग्रहों और उनकी कुछ विशेष स्थितियों पर ही निर्भर करती है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित अमर अभिमन्यु डब्बेवाला आपको बता रहे हैं कि आपकी कुंडली में (Videsh Yatra Yoga In Kundli) विदेश जाने या वहां बसने के योग हैं कि नहीं...ज्योतिषशास्त्र के अनुसार अगर किसी व्यक्ति की कुंडली (Videsh Yatra Yoga In Kundli) में विदेश यात्रा के योग हों तो उसे किसी ना किसी कारण से विदेश जाने का मौका मिल जाता है। लेकिन अगर आपकी कुंडली में ये योग नहीं हैं, तो आपके विदेश यात्रा के सारे प्रयत्न बेकार जाएंगे। यहां पढ़ें कुंडली में कैसे जानें कि आप विदेश यात्रा करेंगे या नहीं...(Videsh Yatra Yoga In Kundli)
बारहवां भाव
जन्मकुंडली का बारहवां भाव वैसे तो दुख का भाव होने के कारण जाना जाता है। लेकिन यह भाव विदेश यात्रा (Videsh Yatra Yoga In Kundli) से संबंधित होता है और इसीलिए इस घर को सुअवसर के रूप में देखा जाता है। विदेश यात्रा के लिए चंद्रमा को नैसर्गिक कारक माना गया है। (Videsh Yatra Yoga In Kundli) दशम भाव से आजीविका का पता चलता है। शनि ग्रह आजीविका के नैसर्गिक कारक होते हैं। विदेश गमन के लिए कुंडली में बारहवें भाव, चंद्रमा दशम भाव और शनि की स्थिति का आंकलन किया जाता है। बारहवें भाव में चंद्रमा हो तो विदेश यात्रा के योग बनते हैं। (Videsh Yatra Yoga In Kundli) ऐसी स्थिति में जातक विदेश से आजीविका पाता है। (Videsh Yatra Yoga In Kundli) कुंडली के छठे भाव में चंद्रमा हो तो, भी विदेश यात्रा के योग बनते हैं। वहीं दशम भाव में चंद्रमा हो या इस घर पर शनि की दृष्टि पड़ रही हो तो भी विदेश यात्रा के योग बनते हैं। इसके साथ ही (Videsh Yatra Yoga In Kundli) सातवें भाव या लग्न भाव में चंद्रमा की उपस्थिति भी विदेश से व्यापार का संकेत देती है। शनि देव को आजीविका का कारक माना गया है।
(Videsh Yatra Yoga In Kundli) शनि और चंद्रमा की युति भी विदेश यात्रा करवाती है। अगर कुंडली में दशमेश बारहवें भाव और बारहवें भाव का स्वामी दसवें भाव में हो तो भी विदेश यात्रा के योग बनते हैं और जातक को विदेश से आजीविका कमाने का मौका मिलता है। (Videsh Yatra Yoga In Kundli) यदि भाग्य का स्वामी बारहवें भाव में है या बारहवें भाव का स्वामी भाग्य स्थान में बैठा है तो भी आपको विदेश यात्रा जाने का मौका मिलता है। (Videsh Yatra Yoga In Kundli) भाग्य स्थान में बैठकर राहू भी विदेश यात्रा के योग का निर्माण करता है। (Videsh Yatra Yoga In Kundli) सप्तम भाव का स्वामी बारहवें भाव में हो या बारहवें भाव का स्वामी सप्तम भाव में बैठा हो तो, विदेश यात्रा की संभावना बढ़ जाती है और जातक विदेश से व्यापार करता है।
विदेश यात्रा के उपाय(Videsh Yatra Yoga In Kundli)
- अगर आप विदेश यात्रा पर जाने का सपना देखते हैं, लेकिन जा नहीं पा रहे हैं, तो रोज सुबह उठकर तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल अर्पित करें। जल में लाल मिर्ची के बीज डालें। नियमित ऐसा करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और आपके विदेश गमन के मार्ग प्रशस्त करते हैं।
- उड़ते हुए हनुमान जी की पूजा करने से भी विदेश यात्रा के योग बनते हैं। हनुमान जी के इस स्वरूप की पूजा करने से जीवन की सभी परेशानियां दूर होती हैं।
Published on:
12 Jan 2023 05:18 pm

बड़ी खबरें
View Allट्रेंडिंग
