
नोएडा. यूपी एटीएस को उस समय एक बड़ी सफलता हाथ लगी, जब उसने अवैध धर्मांतरण मामले में मुख्य आरोपी मौलाना उमर गौतम के बेटे अब्दुल्ला को नोएडा से गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि अब्दुल्ला ही धर्मांतरण कराने वालों को फंडिंग कर रहा था और जहांगीर आलम कौशल से सीधे संपर्क में था। अब्दुल्ला के विभिन्न बैंक खातों में 75 लाख रुपए की रकम आने के पुष्टि हुई है। इसमें 17 लाख रुपए विदेशों से आए हैं। एटीएस का दावा है कि मौलाना उमर गौतम के अल फारुकी मदरसा, मस्जिद और इस्लामिक दावा सेंटर का काम अब्दुल्ला ही देखता है।
उल्लेखनीय है कि अवैध धर्मांतरण (Illegal Conversion) मामले में मुख्य आरोपी मौलाना उमर गौतम (Umar Gautam) को यूपी एटीएस (UP ATS) ने करीब पांच महीने पहले दो आरोपियों से साथ गिरफ्तार किया था। ये लोग दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत पूरे एनसीआर में सक्रिय थे। इनका मकसद मूक बधिर हिंदू बच्चों, लड़कियों, बेरोजगार युवाओं और दिव्यांग बच्चों को डरा धमका कर या प्रलोभन देकर मुसलमान बनाना है। इन्होंने नोएडा डेफ सोसायटी के रेजिडेंशियल स्कूल में रहने वाले मूक बधिर बच्चों का अवैध रूप से धर्म परिवर्तन करवाया था।
अब तक 17 गिरफ्तार
यूपी एटीएस अवैध धर्मांतरण के आरोप में अब तक 17 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें मौलाना उमर गौतम, उमर गौतम का बेटा अब्दुल्ला, मौलाना कलीम सिद्दीकी, रामेश्वरम कावड़े उर्फ आदम उर्फ एडम, भूप्रिय बन्दों उर्फ अर्सलान मुस्तफा, कौशर आलम, हाफिज इदरीस शामिल हैं। यूपी एटीएस का कहना है कि उमर गौतम और उसके साथियों को 57 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग हवाला और दूसरे तरीकों से की गई है।
धर्मांतरण के सिंडिकेट से जुड़ा था अब्दुल्ला
यूपी एटीएस का दावा है कि मौलाना उमर गौतम का बेटा अब्दुल्ला भी अवैध धर्मान्तरण सिंडिकेट से जुड़ा है और धर्मान्तरित लोगों को पैसा बांटता है। अब्दुल्ला के बैंक खाते में यूपी एटीएस को 75 लाख रुपए मिले हैं, जिनमें से 17 लाख रुपए विदेश से आए हैं। फिलहाल यूपी एटीएस इन सभी के बैंक खातों की डिटेल्स की जांच कर रही है और परख रही है कि जिन जिन लोगों का धर्मांतरण करवाया गया था, उन पर कितना पैसा खर्च हुआ? क्या वह भी धर्मांतरण के इस धंधे में शामिल नहीं थे।
Published on:
08 Nov 2021 09:32 am
