
जानिए, क्यों बागपत में एक साथ आठ घोड़ों को दी गर्इ मौत की सजा, सौ पर आैर लटक रही तलवार
बागपत।उत्तर प्रदेश के पश्चिम में स्थित बागपत में आठ घोड़ों आैर खच्चरों को एक ही साथ मौत की सजा दे दी गर्इ। इसकी कुछ आेर नहीं बल्कि उनमें जानलेवा बीमारी ग्लैंडर्स के लक्ष्ण मिलना था।इनमें 8 को पशु पालन विभाग की टीम ने न्यूट्रिलाइज किया था।ग्लैंडर्स से प्रभावित घोड़े की ये बीमारी अन्य जानवरों में न पहुंचे इसलिए बीमार घोड़ो को जहर का इंजेक्शन देकर मौत के घाट उतार दिया गया।
जिले के अन्य घोड़ों आैर खच्चरों की चल रही जांच
जांच के दौरान जिले में दर्जनों घोड़ों में ये बीमारी पाए जाने के बाद बागपत जिले का पशु विभाग अलर्ट है। पशु विभाग के मुख्य चिकित्सक अधिकारी ने जिले में सभी घोड़े आैर खच्चरों के जांच के आदेश दिये थे। जिसमें इन आठ घोड़ों में इस बीमारी की पुष्टी हुर्इ थी। वहीं इसके बाद से ही अधिकारियों ने जिले से घोड़े व खच्चर बाहर ले जाने आैर लाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसकी वजह यह बीमारी अन्य पशुआें में फैलने का डर बना हुआ है।
100 घोड़ों का लिया गया सैंपल
आधा दर्जन से भी अधिक आठ घोड़ों को जहर के इंजेक्शन देने के बाद पशु चिकित्सक अधिकारियों ने जिले में सौ आैर घोड़ो व खच्चरों के सैंपल भरें। इन सैंपलों को जांच के लिए केंद्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र, हिसार लैब में भेजा गया है। वहीं अकेले बागपत जनपद में दर्जनों घोड़ो में ग्लैंडर्स पाए जाने से पशु विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं इसकी वजह बागपत जनपद में काफी संख्या में ईंट भट्ठे हैं। जहां हजारों की संख्या में खच्चरों का इस्तेमाल होना है। जबकि कुछ घोड़े यातायात आैर शादियों के लिए रखे जाते है। इसी आधार पर जिले में करीब साढ़े तीन हजार से ज्यादा अश्व प्रजातियों के पशु होने की आशंका है।
घोड़ों आैर खच्चरों को मौत देने के बाद मालिकों को रुपये देने दिया आश्वासन
आपको बता दें कि बागपत में एक भट्टे पर काम करने वाले मजदूर का खच्चर कुछ समय पहले ही बीमार हो गया था। उसे मजदूर ने पशु चिकित्सालय में दिखाया। जहां डाॅक्टरों ने उसके बीमारी के लक्ष्ण देखते हुए सैंपल भरकर हिसार भेज दिये थे। सैंपल रिपोर्ट में खच्चर में ग्लैंडर्स मिलने पर अधिकारियों के आदेश पर उसे जहर का इंजेक्शन देकर मौत की नींद सुला दिया गया। इसके बाद पशु चिकित्सक टीम ने अलर्ट घोषित कर जांच की। जिसमें आठ घोड़ों में यह घातक बीमारी मिली। वहीं उन्होंने बताया कि जिन लोगों के खच्चरों को मारा गया है। उनके मालिकों को 16 हजार रुपये और घोड़े मालिक को 25 हजार रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
Published on:
22 May 2018, 5:32 PM IST
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