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गूगल पर बैंक कस्टमर केयर नंबर सर्च करने वाले सावधान, कहीं हो न जाएं ठगी का शिकार

नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने गूगल पर बैंक कस्टमर केयर के टोल फ्री नम्बर के माध्यम से धोखाधड़ी करने वाले गैंग का पर्दाफाश हुआ है। आरोपी चार साल में डेढ़ सौ से अधिक लोगों से 35 लाख रुपये ठग चुके हैं। इनके पास से पुलिस ने 10 डेबिट कार्ड और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

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नोएडा

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lokesh verma

Apr 23, 2022

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नोएडा के सेक्टर-36 साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गूगल पर बैंक कस्टमर केयर के फर्जी टोल फ्री नम्बर अपलोड कर उनके माध्यम से बैंकिंग सुविधा देने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले अन्तर्राज्यीय गैंग के दो शातिर अपराधियों को मेरठ से गिरफ्तार किया है। आरोपी चार साल में डेढ़ सौ से अधिक लोगों से 35 लाख रुपये ठग चुके हैं। इनके पास से पुलिस ने 10 डेबिट कार्ड और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस इनके अन्य साथियों को तलाश कर रही है। पुलिस के गिरफ्त में आए अपराधियों के नाम मोहम्मद रियाज और लईक अहमद निवासी बिजनौर हैं।

साइबर क्राइम थाना प्रभारी रीता यादव ने बताया कि ये लोग फर्जी पहचान पत्रों से मोबाइल सिम खरीदकर गूगल पर नंबर डालकर ठगी कर रहे थे। लोगों को झांसे में लेने के बाद आरोपी एप डाउनलोड कराकर मोबाइल हैक कर लेते थे। इसके बाद खाते से पैसे निकाल लेते थे। उन्होंने ने बताया कि गाजियाबाद निवासी स्टीफन थॉमस ने शिकायत की थी कि बेटी ने नेट बैंकिंग शुरू करने के लिए गूगल से कस्टमर केयर का टोल फ्री नंबर प्राप्त किया था। इस नंबर पर जब बात की गई तो आरोपी ने कस्टमर केयर अधिकारी बनकर फोन में क्विक सपोर्ट एप डाउनलोड करवाया और 5.97 लाख रुपये निकाल लिए। मामले की जांच के दौरान सेक्टर-36 स्थित साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जामताड़ा गिरोह के दो ठगों को मेरठ से गिरफ्तार किया है।

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पांचवीं पास ने एमबीए पास कर चुके लोगों को भी ठगा

रीता यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि ये दोनों साइबर अपराधी संगठित गैंग सदस्य हैं। लईक चार साल पहले काम के सिलसिले में मुंबई गया था। इस दौरान उसका झारखंड निवासी मामा नामक शख्स से संपर्क हुआ। मामा जामताड़ा गिरोह का सक्रिय ठग है। उसने लईक से दोस्ती कर साइबर ठग का प्रशिक्षण दिया और बैंक खाते के डाटा के साथ ही कॉलिंग और ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाले ऐप के बारे में बताया। इसके बाद लईक साथी रियाज के साथ जामताड़ा गिरोह से मिलकर ठगी करने लगा। लईक पांचवीं पास है और रियाज कंप्यूटर में पीजीडीसीए कर चुका है। दोनों ने झारखंड के ठग मामा के साथ मिलकर एमबीए, एमसीए व बीटेक पास लोगों तक से ठगी की है।

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इस तरह टोल फ्री नंबर से करते थे ठगी

रीता यादव ने बताया कि आरोपी गूगल पर बैंक कस्टमर केयर के फर्जी टोल फ्री नम्बर अपलोड कर देते थे, जिस पर कॉल करने वाले लोगों को बैंकिंग सहायता देने के नाम पर क्विक सपोर्ट एप डाउनलोड करा करा कर उस ऐप के माध्यम से उनके खाते का एक्सेस लेकर अपने खाते में पैसे ट्रांसफर कर लेते है। जिन बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किये जाते हैं उन बैंक खातों को लोन लेने वाले जरूरतमंद लोगों के नाम पर खुलवाया गया था। इस तरह लगभग 150 बैंक खाते झारखण्ड के मामा को उपलब्ध कराकर अब तक लगभग 35-40 लाख रुपये ठग चुके हैं।