2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एसएससी पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई, सीबीआई ने 12 जगहों पर की छापेमारी

एसएससी परीक्षा आयोजित कराने वाली नोएडा स्थित सिफी के ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नोएडा

•

image

Ashutosh Pathak

•

Updated: 24 May 2018, 1:31 PM IST

sifi

एसएससी पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई, सीबीआई ने 12 जगहों की पर की छापेमारी

नोएडा। छात्रों के महीनों प्रदर्शन के बाद आखिरकार अब कर्मचारी चयन आयोग यानी एसएससी की हुई परीक्षा में धांधली की सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिसके तहत सीबाआई की टीम ने देश भर के 12 अगल-अलग जगहों पर छापेमारी की और मामले की व्यापक स्तर पर जांच की जा रही है। इन बारह जगहों में शामिल नोएडा सेक्टर 132 बी-7 में स्थित सिफ़ी टेक्नोलॉजी लिमिटेड में भी छापेमारी की गई। क्योंकि सिफी ही एसएससी की परीक्षा आयोजित करती है।

ये भी पढ़ें : यह पूरा गांव ही है एटीएम हैकिंग में एक्सपर्ट, इस तरह से निकाल लेते हैं आपके खाते से रुपये


दरअसल तीन महीने पहले एसएससी की ओर से करवाए जाने वाले संयुक्त स्नातक स्तर (टायर-2) की परीक्षा में कथित तौर पर पेपर लीक हो गया था। 17-22 फरवरी के बीच संयुक्त स्नातक स्तर के कथित पेपर लीक की वजह से काफी विरोध प्रदर्शन हुआ था। जिसकी वजह से मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग की गई थी। छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश दे दिए।

ये भी पढ़ें : 10 रुपये के स्टांप पर लिखा की नहीं लूंगा दहेज, लेकिन शादी के चार महीने बाद 40 लाख उड़ाए

ये भी पढ़ें : कैराना उपचुनाव में विपक्षी एकता का होगा ट्रायल

इसके बाद एसएससी ने फैसला लिया कि जबतक जांच एंजेसी अपनी जांच को पूरा नहीं कर लेती परिणाम घोषित नहीं किए जाएंगे। लगभग 30.26 लाख उम्मीदवारों ने विभिन्न सरकारी विभागों और मंत्रालयों की 8 हजार भर्तियों के लिए परीक्षा दी थी। जहां 15.43 लाख बच्चों ने अगस्त 2017 को टायर-1 की परीक्षा दी थी। जिनमें से 1.89 लाख उम्मीदवारों को चुना गया था। इन उम्मीदवारों को टायर-2 की परीक्षा देनी थी। इनमें से भी 1.41 लाख उम्मीदवारों ने 68 देशों के 206 स्थलों पर जाकर परीक्षा दी थी। लेकिन परीक्षा के बाद पेपर का स्क्रीन शॉट लेकर इसे लीक करने का मामला सामने आया। परीक्षार्थियों ने बताया कि लीक स्क्रीन शॉट और पेपर में कोई अंतर नहीं था।

ये भी पढ़ें : अपराधियों का गढ़ बना गाजियाबाद, एक बार फिर व्यापारी की हत्या, आरोपी को पकड़ना पुलिस के लिए बनी चुनौती