Coronavirus पर लगाम कसने को बना मास्टर प्लान, ऐसे होगी Covid-19 जांच, 30 मिनट में आएगी Report

Highlights:

-ICMR Expert स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे

-Gautam Budh Nagar में एंटीजन किट से होगी जांच

-ICMRजिला स्वास्थ्य विभाग को देगा 15 हजार टेस्ट किट

By: Rahul Chauhan

Updated: 24 Jun 2020, 09:38 AM IST

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर (Gautam Budh Nagar) में बेकाबू होता कोरोना वायरस (Coronavirus) जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। जून के 22 दिनो में कोरोना वायरस (Covid-19) 1126 लोगों को अपना शिकार बना चुका है। इस दौरान 12 लोगों की मौत भी हो चुकी है। कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर उत्तर प्रदेश शासन सख्त हो गया है। शासन के निर्देश पर ही जिले में अब कंटेनमेंट जोन (Containment Zone) में एंटीजन किट (Antigen Kit) से जांच की तैयारी की जा रही है। 24 जून को इसके लिए एक प्रशिक्षक कार्यक्रम आयोजित होगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (icmr) के विशेषज्ञ स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे और स्वास्थ्य कर्मियों को इसकी जांच विधि बताई जाएगी।

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जिला अधिकारी सुहास एल.वाई ने बताया कि एनसीआर के अन्य क्षेत्रों के साथ जीबी नगर में एंटीजन किट से कोरोना का टेस्ट किया जाएगा। हमें आइसीएमआर से 15000 टेस्ट किट एक दो दिन में प्राप्त हो जाएंगी। स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करने के बाद स्वास्थ्य विभाग जांच की रणनीति बनाएगा। ऐसे स्थानों पर जांच होंगी जहां अब तक सबसे अधिक मरीजों की पुष्टि हुई है। वहीं ऐसे स्थानों पर भी मरीज ढूंढे जा सकते हैं जहा संक्रमण का कारण पूरी तरह से पता नहीं चला हो।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस किट से जांच के बाद अधिकतम 30 मिनट में रिपोर्ट आ जाएगी। ऐसे में प्रभावित इलाकों में जांच के बाद मरीज के पॉजिटिव होने की स्थिति में उसका इलाज शुरू कर दिया जाएगा। जल्द जांच रिपोर्ट आने से संक्रमण की स्थिति की जानकारी मिल सकेगी और तुरंत ही मरीज और उनके संपर्क में रहे लोगों का इलाज शुरू किया जा सकेगा। इससे कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने में भी मदद मिलेगी। एंटीजन से कोरोना का टेस्ट से प्रारंभिक ट्रैकिंग, मृत्यु दर को कम करने और घटाने में मदद मिलेगी।

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गौरतलब है कि जब नोएडा में मार्च के महीने जब कोरोना का पहला मामला मिला था। उसके बाद लॉकडाउन लगा दिया गया था। जिसके कारण कोरोना वायरस पर लगाम लगी थी। मार्च-अप्रैल और मई के 3 महीनों में मरीजों की संख्या 453 थी। वहीं लॉकडाउन के जून में हटते ही के 22 दिनों में ही 1126 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है, जो 3 महीने से मरीजों से 157% अधिक है। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण जून के 20 दिनों में ही मई के मुकाबले 8 गुना अधिक मौतें हुई हैं। मई के महीने में कोरोना संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 7 थी, जबकि जून महीने 12 लोगो की मौत हो चुकी है। मार्च और अप्रैल में इस बीमारी से एक भी मौत नहीं हुई थी।

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