
नोएडा। पर्थला गांव में फर्जी मुठभेड़ में जिम ट्रेनर जितेंद्र को गोली मारने के मामले में परिजनों का विरोध लगातार जारी है। परिजन इस मामले में सीबीआर्इ जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं, परिजन के द्वारा लगातार विरोध किए जाने पर नोएडा पुलिस ने घटना के जांच की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। इधर, एनएचआरसी ने पुलिस विभाग को नोटिस भेजकर पूरे मामले की जानकारी मांगी है। यहां बात दें कि सोमवार को पीड़ित परिवाल से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता राजब्बर, आरएलडी नेता जयंत चौधरी , सपा की प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने मामले में थाना प्रभारी से लेकर जिले के एसएसपी को निलंबित करने की बात की है।
एनएचआरसी ने छह सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले में यूपी सरकार के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में एनएचआरसी ने कहा है कि यूपी में पुलिसकर्मी ये महसूस करने लगे हैं कि वह कुछ भी करने को आजाद हैं। वह अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे समाज में भय उत्पन्न हो रहा है और गलत संदेश जा रहा है। मामले में एनएचआरसी ने दोनों अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह स्वयं पूरे मामले पर नजर रखें। साथ ही पुलिस द्वारा की जा रही इस मनमानी पर लगाम लगाकर पूरे मामले की रिपोर्ट तय समय में विभाग को सौंपे।
दिन भर लगा रहा नेताओं का जमावड़ा
दारोगा की गोली से घायल जितेंद्र यादव को सेक्टर-62 स्थित अस्पताल में देखने के लिए सुबह से ही लोगों का ताता लगा रहा। सोमवार शाम को जितेंद्र को वेटिलेंटर से उतारकर आर्इसीयू में शिफ्ट किया गया है। इसके बाद से उसकी हालत में सुधार है। वहीं, मौके पर सपा नेता से लेकर कांग्रेस के कद्दावर नेता राजब्बर से लेकर आरएलडी के नेता जयंत चौधरी भी अस्पताल जितेंद्र से मिलने पहुंचे। जहां उन्होंने योगी सरकार पर जमकर जुबानी हमला बोला।
Published on:
06 Feb 2018 12:42 pm
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