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‘गलगोटिया यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द हो’, अब विधानसभा में उठने लगी मांग, सपा नेता ने कहा- ‘एआई इंपैक्ट समिट’ में देश का बना मजाक

Galgotias University: दिल्ली में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट से जुड़े विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश विधानसभा में सियासी हलचल तेज हो गई। शून्य काल के दौरान सपा विधायकों ने गलगोटिया विश्वविद्यालय की मान्यता रद्द करने की मांग करते हुए सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की अपील की।

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नोएडा

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Imran Ansari

Feb 19, 2026

Demand for cancellation of recognition of Galgotias University in the Assembly

Galgotias University: दिल्ली में आयोजित ‘एआई इंपैक्ट समिट’ से जुड़ा विवाद अब उत्तर प्रदेश की राजनीति तक पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। दरअसल, यूपी विधानसभा में शून्य काल के दौरान सपा के दो विधायकों ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द करने की मांग की। उन्होंने समिट में गल्गोटिया विश्वविद्यालय से जुड़े कथित दावों को लेकर खड़े हुए विवाद को गंभीर बताते हुए कहा कि इससे छात्र-छात्राओं के भविष्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सपा नेताओं ने राज्य सरकार से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की, ताकि सच्चाई सामने आ सके और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

आपको बता दें समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव ने नियम 56 के अंतर्गत यह मामला उठाते हुए दिल्ली में हुई ‘एआई इंपैक्ट समिट’ का हवाला दिया। उन्होंने विधानसभा में आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय ने समिट में चीन में बने उत्पाद को अपना बताकर राज्य और देश की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचाया। सपा MLA ने इसे राजनीति से परे बताते हुए प्रदेश की साख से जुड़ा विषय करार दिया और कहा कि ऐसे मामलों की पहले ही जांच होनी चाहिए थी। उन्होंने सरकार से पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की।

क्या है Galgotias University विवाद?

देश की राजधानी दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया विश्वविद्यालय को एआई इंपैक्ट समिट में प्रदर्शित एक चीन-निर्मित ‘रोबोटिक डॉग’ को अपना नवाचार बताकर पेश करने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा, जिसके चलते बुधवार को विश्वविद्यालय को अपना स्टॉल हटाना पड़ा। इससे पहले एक टीवी चैनल से बातचीत में विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने इसे अपने संस्थान में विकसित उत्पाद बताया था, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि यह रोबोटिक डॉग चीन की कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स का उत्पाद है।

माफी मांगने की खबर

गलगोटिया यूनिवर्सिटी इस समय इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में हुए एक विवाद के कारण चर्चा में है। यूनिवर्सिटी पर आरोप लगा है कि उन्होंने एक चीनी कंपनी (Unitree) के रोबोटिक डॉग को अपना खुद का आविष्कार बताकर प्रदर्शित किया, जिसके बाद आयोजकों ने उन्हें समिट से बाहर कर दिया। हालांकि यूनिवर्सिटी ने इसे एक प्रतिनिधि की गलती बताते हुए माफी मांग ली है, लेकिन सोशल मीडिया पर उनके AI दावों और तकनीकी पारदर्शिता को लेकर काफी आलोचना हो रही है।