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Lockdown में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, सोशल सिक्युरिटी नंबर के जरिए विदेशियों से करते थे ठगी

HighlightsLockdown में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, सोशल सिक्युरिटी नंबर के जरिए विदेशियों से करते थे ठगी, . फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस का छापा. पुलिस ने मौके से 7 किए गिरफ्तार. मुखिया समेत पांच फरार

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नोएडा। लॉकडाउन का उल्लंघन कर फर्जी कॉल सेंटर के जरिये लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। थाना सेक्टर-39 पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी समेत पांच अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से फर्जी कॉल सेंटर चलाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कंप्यूटर, सीपीयू और मोटर साइकिल बरामद की है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस ने जुगल सेठी, निखिल सेठी, तौफीक कजानी, हिमेश बान्देकर, एडवर्ड गोम्स, सैफ सय्यद और गणेश ओमप्रकाश शर्मा को पकड़ा है। इनपर फर्जी काल सेंटर चलाकर लोगों को डरा-धमका कर अवैध रूप से पैसे की वसूली करने का आरोप है। डीसीपी अभिनंदन शर्मा ने बताया कि थाना सेक्टर-39 की पुलिस को सूचना मिली थी कि सी-213 सेक्टर-105 में फर्जी काल सेंटर चलाया जा रहा है। इसके जरिये लोगों को डरा-धमका कर अवैध रूप से पैसे की वसूली की जा रही है। इस सूचना से दूरसंचार विभाग के सहायक निदेशक जियाउर रहमान डिपार्टमेन्ट ऑफ टेली कम्यूनिकेशन (एमटीएनएल) को अवगत कराया गया।

उसके बाद पुलिस ने गुरुवार रात बताए गए पते पर दबिश दी। दबिश के दौरान पुलिस ने मौके से 07 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि कॉल सेंटर का मुखिया धवल उर्फ देवेंद्र, बिहार निवासी राकेश उर्फ गुरुदेव केसरी, मुंबई निवासी गवीन एन्थोनी, प्रवीन और अभिनाम फरार होने में सफल हो गए। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है।

डीसीपी के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक गिरोह है, जिसका सरगना धवल उर्फ देवेन्द्र है। वे फर्जी कॉल सेंटर चलाकर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर अवैध धन अर्जित करते हैं। उन्होंने बताया कि ये लोग शाफ्ट डायलर साफ्टवेयर के माध्यम से विदेशों में वीओआईपी कॉल कर सामने वाले को डराते थे। उसके सोशल सिक्योरिटी नम्बर (आधार कार्ड की तरह) से कोई अपराध किया गया है। अपराध में ड्रग्स ट्रैफिकिंग, मनी लांडरिंग और वाहन का अपराध का इस्तेमाल किया जाता है। अपने को विभिन्न पुलिस एजेसिंयों के अधिकारी बताते हुए उनसे जुर्माने के रूप में मोटी धनराशि वसूल करते थे।

इसी बहाने उनके बैंक एकाउन्ट और क्रेडिट कार्ड की भी डिटेल हासिल कर लेते थे। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 25 डेस्क टॉप, 23 सीपीयू, 23 की-बोर्ड, 23 माउस, 25 हैड फोन, 11 स्वीच, 02 वाई-फाई राउटर, 75 छोटी बड़ी केबल, एक आधार कार्ड, एक पासपोर्ट, 02 पासबुक, एक आईकार्ड स्टेट बैंक आफ कुवैत और एक मोटर साइकिल बरामद की गई है।

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