
ग्रेटर नोएडा। पुलिस ने नकली सीमेंट फैक्ट्री (Cement Factory) और ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली सीमेंट के कारोबार के अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस धंधे में लिप्त 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। एनटीपीसी प्लांट से निकलने वाली राख, पुराना खराब सीमेंट (Cement) और डस्ट आदि मिलाकर नकली सीमेंट तैयार किया जाता था।
हैबतपुर में हिंडन नदी के पास नकली सीमेंट (Nakli Cement) बनाने की फैक्ट्री पर पुलिस की छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 1022 बोरी नकली सीमेंट बरामद की। इनमें अंबुजा सीमेंट, जे.के सुपर सीमेंट, एसीसी सुपर पावर आदि ब्रांड के नकली सीमेंट शामिल हैं। यहां से छोटू पुत्र बोबी, राजबीर पुत्र कन्हई, संतोष पुत्र लालजी और हरिराज पुत्र वीरेंद्र को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान में इन लोगों ने बताया कि यह प्लाट गाजियाबाद के लालकुआं निवासी चंद्रपाल पुत्र ओमी का है, जो बिसरख निवासी अपने साथी हरेंद्र के साथ मिलकर नकली सीमेंट बनाने का कारोबार करता है।
हरेंद्र का भी बिसरख में नकली सीमेंट बनाने का प्लांट उसके घर में लगा है। इनके दूसरे साथ सुनील और जयती प्रसद का गोदाम मोरटा शाहपुर में है। ये लोग नकली सीमेंट के बड़े सप्लायर हैं। पूछताछ में यह भी पता चला कि दिल्ली के मंगोलपुरी निवासी सुनील की नोएडा के सेक्टर-146 में हिंडन नदी के किनारे नकली सीमेंट बनाने की बड़ी फैक्ट्री है।
सूरजपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को हुई प्रेस कान्फ्रेंस में एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि थाना सेक्टर-20 की पुलिस को नकली सीमेंट कारखानों की जानकारी मिली थी। उसके बाद बिसरख, पुराना हैबतपुर, नॉलेज पार्क, गाजियाबाद के लाल कुआं, मोरटा और रुद्रपुर में छापेमारी कर नकली सीमेंट के धंधे में लिप्त लोगों की धरपकड़ की गई।
एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्तों से पूछताछ में पता चला कि उत्तराखंड के रुद्रपुर जिले में आलोक जैन पुत्र नरेश जैन नकली सीमेंट का सबसे बड़ा डीलर है। उन्होंने बताया कि अभियुक्तों से मिली जानकारी के आधार पर छापेमारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमों को लगाया गया। इस कार्रवाई में हरेंद्र भाटी के घेर पर भी छापेमारी की गई। वहां उसने मिलावटी सीमेंट का प्लांट बना रखा है। उसके घेर से 100 एसीसी सीमेंट, 25 बोरे अल्ट्राटेक और 45 बोरे बांगर सीमेंट के साथ ही इन ब्रांडों के खाली बोरे भी बरामद हुए।
पुलिस की एक टीम ने सेक्टर-146 में छापेमारी कर सुनील को उसकी फैक्ट्री से गिरफ्तार किया गया। वहां पर कई मशहूर ब्रांड के खाली और भरी सीमेंट की बोरियां, सीमेंट बनाने सामग्री और उपकरण बरामद हुए। वहां पर छोटा क्रशर के साथ ही 25 टन डस्ट, 20 टन एनसीपीसी की राख, 06 टन खराब सीमेंट आदि बरामद किए गए। इसके अलावा चिपियाना और लालकुआं में छापेमारी में सुनील पुत्र मूलचंद, दो ट्रैक्टर चालकों तालीम पुत्र सलीम और दीपू पुत्र चंद्रपाल को गिरफ्तार किया गया। वहां पर दो ट्रैक्टर ट्रालियों पर लदे 500 बोरी नकली जेके सुपर सीमेंट बरामद हुए। जबकि सुनील के गोदाम से कई ब्रांडेड कंपनियों के 1000 बोरी से अधिक नकली सीमेंट बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि जयंती प्रसाद के गोदाम से भी विभिन्न ब्रांड के सैकड़ो बोरी नकली सीमेंट और दूसरे उपकरण मिले हैं।
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि उनका नकली सीमेंट बनाने का गिरोह है। वे विभिन्न कंपनियों के खराब हो चुके सीमेंट को खरीदते हैं और अपने प्लांट में पीस कर उसमें एनटीपीसी की राख,बदरपुर, डस्ट आदि मिलाकर ब्रांडेड कंपनियों के नए बोरे में भरकर बाजार में सप्लाई करने का काम करते हैं। ब्रांडेड कंपनियों के बोरे दिल्ली का भूरा नाम के व्यक्ति सप्लाइ करता था। ये लोग नकली सीमेंट की सप्लाई कई राज्यों में करते हैं। उन्होंने बताया कि अभियुक्तों का एक साथी अकरम मूलचंद के गोदाम से फरार होने में कामयाब हो गया।
Updated on:
04 Oct 2019 02:27 pm
Published on:
04 Oct 2019 02:26 pm
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