सैमसंग कंपनी से करोड़ों के मोबाइल पार्ट गबन करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो-

Highlights

- नोएडा सेक्टर-81 स्थित सैमसंग कंपनी के वेयरहाउस का मामला

- पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

- दिल्ली की गफ्फार मार्केट में बेचते थे मोबाइल पार्ट

By: lokesh verma

Published: 20 Jul 2020, 11:13 AM IST

नोएडा. सेक्टर-81 स्थित सैमसंग कंपनी के वेयरहाउस से करोड़ों की कीमत के मोबाइल पार्ट का गबन करने वाले चार आरोपियों को थाना फेज-2 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस को इनके पास से गबन किए गए 22 मोबाइल पार्ट के बक्से बरामद हुए हैं, जिनकी कीमत लगभग 80 लाख रुपए है। इसके अलावा जो माल आरोपियों ने बेचा है, उसके भी 20 लाख 50 हजार रुपए और घटना में इस्तेमाल की गई कार बरामद की है।

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नोएडा सेंट्रल ज़ोन-2 के डीसीपी हरीशचंद्र ने बताया की सैमसंग कंपनी के मैनेजर दिनेश चंद्र ने फेस-2 थाने में रिपोर्ट कराई थी कि कंपनी सेक्टर-81 से सेक्टर-90 स्थित डिक्सन कंपनी में मोबाइल पार्ट को मोबाइल बनाने के लिए भेजा जाता है। डिक्सन कंपनी के कर्मचारी लवकुश और उसकी गाड़ी के चालक अशोक ने मिलकर फर्जी तरीके से हेराफेरी करते हुए कंपनी के मोबाइल पार्ट के 30 बक्सों का चोरी किया है।

डीसीपी ने बताया की थाना प्रभारी ने पुलिस की एक टीम बनाकर मामले की जांच शुरू की और इस मामले में शास्त्री नगर दिल्ली निवासी गौरव सिक्का को गफ्फार मार्केट से उसकी दुकान से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने एल्डिको चौराहे से आरोपी लवकुश कुमार सिंह, अशोक कुमार और अजय को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को इनके पास से गबन किए गए 22 मोबाइल पार्ट के बक्से बरामद हुए हैं, जिनकी कीमत लगभग 80 लाख रुपए है। इसके अलावा जो माल इन्होंने बेचा है उसके भी 20 लाख 50 हजार रुपए और घटना में इस्तेमाल की गई कार बरामद की है।

डीसीपी ने बताया की आरोपियो ने पूछताछ में बताया कि पिछले लगभग 4 महीने में लवकुश और अशोक ने डिक्सन कम्पनी को भेजे जाने वाले माल के साथ अतिरिक्त रूप मे मोबाइल पार्ट के बॉक्स 4 बार निकालकर अपनी वैगनार कार से अजय के पास पहुंचाए तथा अजय ने हर बार मोबाइल पार्ट के बॉक्स गौरव सिक्का को बुलवाकर बेचे। अजय को इस काम के लिए प्रति ओक्टा (मोबाइल डिस्पले) 100 रुपये मिलते थे तथा गौरव सिक्का प्रति ओक्टा (मोबाइल डिस्पले) एक हजार रूपये में इन लोगों से खरीदता था। जबकि ओक्टा (मोबाइल डिस्पले) की कम्पनी कीमत 2250 रूपये है । प्रति ओक्टा बिक्री के 900 रुपये लवकुश और अशोक कुमार को मिलते थे।

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