7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ऑस्ट्रेलिया से ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड अप्लाई कर रही थी युवती, एक झटके में खाते से उड़े एक लाख रुपए

Fraud: नोएडा की युवती ने ऑस्ट्रेलिया से ऑनलाइन सिटीबैंक के क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई किया था। जैसे ही उसने ओटीपी डाला तो उसके अकाउंट से 99,996 रुपए कट गए।

2 min read
Google source verification

नोएडा

image

Jyoti Singh

Jun 08, 2022

ऑस्ट्रेलिया से ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड अप्लाई कर रही थी युवती, एक झटके में खाते से उड़े एक लाख रुपए

ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली भारतीय युवती को ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड अप्लाई करने के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ी। साइबर क्रिमिनल ने वेरिफिकेशन का झांसा देकर युवती से करीब एक लाख रुपए की ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। जब युवती को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ तो उसने पूरी बात इंडिया में रह रहे अपने परिजनों को बताई। जिसके बाद पीड़ित युवती के कजिन भाई ने नोएडा के सेक्टर-20 थाने में ने ठगी की शिकायत दर्ज करवाई है।

यह भी पढ़े - अलीगढ़ में बेखौफ बदमाशों का तांडव, मात्र 70 रुपए के लेनदेन में युवक को गोली मारकर मौत के घाट उतारा

आवेदन के लिए मिला था फॉर्म

बता दें कि नोएडा के सेक्टर-26 की रहने वाली चंद्र धवन पिछले कई दिनों से ऑस्ट्रेलिया में रह रही है। वहां रहकर उसने हाल ही में ऑनलाइन सिटीबैंक के क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई किया था। इस दौरान आवेदन करने के समय उसे गूगल से एक फॉर्म मिला। जिसके बाद साइबर क्रिमिनल ने चंद्र धवन से फॉर्म में अपने बैंक खाता नम्बर के साथ डिटेल भरने को कहा। चंद्र धवन ने वैसा ही किया, जिसके बाद मोबाइल पर एक ओटीपी आया।

यह भी पढ़े - नोएडा: ठगों ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान को भी नहीं छोड़ा, एक झटके में लाखों रुपए किए साफ

ओटीपी डालते ही खाते से उड़े रुपए

बताया जाता है कि चंद्र धवन ने जैसे ही फार्म में अकाउंट डिटेल के साथ ओटीपी डाला तो उसके अकाउंट से 99,996 रुपए कट गए। इसके बाद जब पीड़िता को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ तो उसने फौरन पूरी बात अपने कजिन भाई को बताई। जिसपर उसने नोएडा सेक्टर-20 के थाने में शिकायत दर्ज करवाई। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही साइबर क्रिमिनलों द्वारा देश सबसे बड़े ओपन स्कूल NIOS के अकाउंट से 60 लाख रुपए ठगनेका मामला सामने आया था। जिसपर कार्रवाई कर NIOS के अकाउंट में वापस मंगवा लिए गए थें।