
नोएडा। फिटनेस को लेकर इन दिनों युवा जिम जाना शुरू कर देते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि जिम में कई बार गलती होने पर फिटनेस (Fitness) की जगह फेफड़ों की बीमारी (Lungs Disease) का शिकार होना पड़ सकता है। ऐसा ही कुछ नोएडा में उस समय सामने आया जब जिम (Gym) करने वाले 10 युवकों में स्टेरॉयड लेने के कारण फेफड़े में टीबी (TB in Lungs) की पुष्टि हुई। दरअसल, सेक्टर-27 स्थित एक निजी अस्पताल में सांस लेने में परेशानी (Breathing issue) की शिकायत लेकर सितंबर-अक्टूबर महीने में आए इन मरीजों को टीबी (tuberculosis) से निजात के लिए अब 6-9 महीने तक दवा खानी पड़ेगी।
शरीर देखकर नहीं लग रहा टीबी का पता
उक्त पीड़ित मरीजों की उम्र 20-30 वर्ष के बीच है। कैलाश अस्पताल के सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. ललित मिश्रा का कहना है कि जब ये मरीज उनके पास आए तो उनकी उम्र और शारीरिक काया देखकर नहीं लग रहा था कि उन्हें टीबी होगी। ऐसे में उन्हें पहले दवा दी गई। इसके बाद भी जब वह ठीक नहीं हुए तो उनकी जांच कराई गई। जिसमें फेफड़ों की टीबी की पुष्टि हुई। जिसके लिए उन्हें छह से नौ माह तक दवाई खानी पड़ेगी। डॉक्टर का कहना है कि ये सभी लड़के जिम जाते थे और उनको ये बीमारी स्टेरॉयड लेने के कारण ही हुई होगी। गत सात-आठ महीनों में ऐसे मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
स्टेरॉइड लेने से होती है कई परेशानी
डॉक्टर बताते हैं कि बिना की परामर्श स्टेरॉइड का सेवन करने से कई बार शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। जिससे हमारेे शरीर को कई बीमारियां घेर लेती हैं। देखा जाता है कि अक्सर युवा कम समय में मांसपेशियां बढ़ाने के लिए स्टेरॉयड का सेवन करते हैं। जिसका खामियाजा उन्हें बीमारी के रूप में भुगतना पड़ता है। वहीं ड्रग इंस्पेक्टर ए.के जैन का कहना है कि किसी को भी स्टेरॉइड बिना डॉक्टर के परामर्श के किसी को नहीं देने के निर्देश हैं। हालांकि बीच-बीच में इनको लेकर कई तरह की शिकायत मिलती रहती है। ऐसे जिम संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होती है।
Updated on:
20 Oct 2019 02:49 pm
Published on:
20 Oct 2019 02:46 pm
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