नितिन शर्मा, नोएडा। यूं तो गाजियाबाद से लेकर गौतमबुद्ध नगर तक जीटी रोड पर कई गांव बसे हैं, लेकिन इनमें एक गांव ऐसा भी है, जो इन सबसे अलग और खास है। इसका नाम है बादलपुर। गांव में घुसते ही लगने लगता है कि आप ऐसे गांव में आ गए हैं जो कहने को गांव है लेकिन सुविधा के सारे साधन यहां मौजूद मिलेंगे। साफ-सुथरी चौड़ी सड़कें दिखेंगी। सीमेंट की नालियां मिलेंगी। पार्क दिखेंगे। नए नवेले अस्पताल और स्कूल ध्यान खींचेंगे। गलियों की रास्ते भी सड़कों सरीखे चौड़े और कोलतार बिछे मिलेंगे। ये गांव बादलपुर है, खास इसलिए है क्योंकि ये उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती का पैतृक गांव है। हालांकि, अब यहां न तो वह रहती हैं और न ही उनके परिवार के लोग।