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Munshi Premchand की 139वीं जयंती पर प्रसिद्ध कहानियों को कलाकारों ने किया प्रस्तुत, देखें वीडियो

खबर की मुख्य बातें- -कार्यक्रम मे रिटायर्ड आईएएस आफिसर ने Munshi Premchand की कहानी 'यही है मेरा वतन’ की प्रस्तुति दी -Premchand की सबसे लोकप्रिय कहानियों को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया -उनके नाटकीय अंदाज की प्रस्तुति देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया

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Munshi Premchand की 139वीं जयंती पर प्रसिद्ध कहानियों को कलाकारों ने किया प्रस्तुत, देखें वीडियो

नोएडा। हिंदी के महान उपन्यासकार व संवेदनशील रचनाकार मुंशी प्रेमचंद (Munshi Premchand) की 139वीं जयंती पर 'सुनो कहानी' कार्यक्रम का आयोजन सेक्टर-6 स्थित एनईए सभागार में किया गया। इस अवसर पर मुंशी प्रेमचंद (Munshi Premchand) के पोते अनिल राय व उनके परिवार के सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

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इस दौरान एक पुरानी विधा 'किस्सागोई' के अंदाज में मुंशी प्रेमचंद की 5 कहानियों का कलाकारों ने वाचन और मंचन किया। कार्यक्रम मे रिटायर्ड आईएएस आफिसर शांतनु मुखर्जी ने मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'यही है मेरा वतन’ की प्रस्तुति दी। प्रेमचंद की सबसे लोकप्रिय कहानी दो बैलों की कथा और उषा छाबरा ने कहानी ठाकुर का कुंआ बेहद रोचक तरीके से प्रस्तुत किया। उनके नाटकीय अंदाज की प्रस्तुति देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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इस अवसर पर मुंशी प्रेमचंद के पोते अनिल राय ने कहा कि दद्दा की कहानियां बहुत ही सरल और आम आदमी की भाषा में बहुत ही सुलगते मुद्दों पर है।किसान, औरत, मजदूर के मुद्दे पर। उन्होंने आज से सौ साल पहले जो कहानी लिखी थीं वो आज भी प्रासंगिक इसलिए हैं क्योंकि लोग उनकी कहानियों से जुड़ाव महसूस करते हैं। प्रोजेक्ट चेयरमैन राज्यसभा के पूर्व महासचिव योगेंद्र नारायण और नोएडा लोकमंच के महासचिव महेश सक्सेना ने कहा कि नोएडा में सांस्कृतिक जागृति आ रही है और नोएडा में जितनी प्रकार की कला व कलाकार हैं वह इससे जुड़ना शुरू हो गए हैं।