7 सितंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Nag Panchami 2018 : मजबूरी में सांप पीते हैं दूध, सांपों के दूध पीने के रहस्य को जानते हैं आप

नाग पंचमी 2018 : सांपों की पूजा श्रावण कृष्ण पंचमी और श्रावण शुक्ल पंचमी इन दोनों तिथियों में मनाया जाता है। शुक्ल पक्ष की Nag Panchami 2018 का खास महत्व है।
2 min read
Google source verification
nagpanchami

मजबूरी में सांप पीते हैं दूध, सांपों के दूध पीने के रहस्य को जानते हैं आप

नोएडा। सावन शुरू होने के साथ ही एक ओर जहां भगवान शिव शंकर की पूजा की जा रही है वहीं उनके गले में आभूषण की तरह हमेशा विराजमान सांप की भी पूजा की जाती है। सांपों की पूजा श्रावण कृष्ण पंचमी और श्रावण शुक्ल पंचमी इन दोनों तिथियों में मनाया जाता है। शुक्ल पक्ष की पंचमी का खास महत्व है। इस दिन नाग की पूजा के साथ उसे दूध पिलाना प्रचलन में हैं। माना जाता है कि सांप दूध पीते हैं। लेकिन सांपों को लेकर हमारे समाज में सांपो को लेकर कई तरह के अन्धविश्वास और भ्रम फैले हुए है। हमारा साहित्य, फिल्में और अंध धार्मिकता इनको कम करने की बजाय बढ़ाने का काम करती है। लेकिन क्या सच में सांप दूध पीते हैं या क्या है इसके वैज्ञानिक द्रष्टिकोण।

ये भी पढ़ें: यहां भगवान शिव की होता है अनोखी पूजा, भांग, धतूरा बेल पत्र से नहीं भो झाड़ू चढ़ाने से प्रसन्न होते हैं भोले बाबा

श्रावण माह की पंचमी को देश के कई भागों में nag panchami 2018 मनाई जाएगी। इस बार ये तीथी 15 अगस्त को है। इस अवसर पर नागों को दूध पिलाने की परंपरा कई सालों से चली आ रही है। प्राचीन भविष्य पुराण के पंचमी कल्प में नागपूजा और नागों को दूध पिलाने का जिक्र किया गया है। मान्‍यता है कि सावन के महीने में नाग देवता की पूजा करने और नाग पंचमी के दिन दूध पिलाने से नाग देवता प्रसन्न होते हैं और नागदंश का भय नहीं रहता है। विज्ञान की मानें तो सांप रेप्‍टाइल जीव हैं न कि स्‍तनधारी। रेप्‍टाइल जीव दूध को हजम नहीं कर सकते और ऐसे में कई बार उनकी मृत्‍यु तक हो जाती है। दूध पिलाने से सांप की आंत में इन्‍फेक्‍शन भी हो सकता है।

ये भी पढ़ें: सांप को मारने पर भुगतना पड़ सकता है कई जन्मों तक,कालसर्प दोष से बचने के लिए इस तरह करें पूजा

जीव विज्ञान के अनुसार सांप पूरी तरह से मांसाहारी जीव है, ये मेंढक, चूहा, पक्षियों के अंडे व अन्य छोटे-छोटे जीवों को खाकर अपना पेट भरते हैं। दूध इनका प्राकृति आहार नहीं है। सपेरों को जब भी सांप को दूध पिलाना होता है तो वो उन्हे भूखा प्यासा रखते है। भूखे प्यासे सांप के सामने जब दूध लाया जाता है तो वो इसे पी लेता है लेकिन यह कभी कभी सांप कि मौत का कारण भी बन जाता है क्योकि कई बार दूध सांप के फेफड़ों में घुस जाता है जिससे उसे निमोनिया हो जाता है।

ये भी पढ़ें: अगर काट ले सांप तो क्या करें, कैसे करें पता विषैले सांप ने काटा है या नहीं और फौरन ये करें उपचार

बड़ी खबरें

View All

नोएडा

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग