मंदसौर गैंगरेप के बाद यहां बच्चियों को दी जा रही सुरक्षित रहने की ट्रेनिंग

पढ़ार्इ के साथ ही दी जा रही ट्रेनिंग

नोएडा।कठुआ के बाद हाल ही में मध्यप्रदेश के मंदसौर में सात साल की एक मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे देश को झंझोड़ कर रख दिया है।एेसी दरिंदगी बच्चियों के साथ दोबारा न हो।इसके लिए नोएडा के एक एनजीआे ने पहल शुरू की है।जिससे बच्चियां अपनी सुरक्षा खुद कर सकेंगी।इतना ही नहीं उन पर बुरी नजर रखने या गलत काम करने का प्रयास करने पर भी वह उसका मुंह तोड़ जवाब दे सकेंगी।इसके लिए इस संगठन ने गरीब आैर छोटी बच्चियों को चुना है।इनसे इस ट्रेनिंग का कोर्इ रुपया भी नहीं लिया जाता।

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हर दिन बच्चियों को दी जा रही क्लास

नोएडा के सेक्टर-43 व अासपास के अन्य स्लम एरिया में रहने वाले छोटे बच्चों की एजुकेशन से लेकर उन्हें खुद को सुरक्षित रखने के लिए यह एनजीआे काम कर रहा है। इस एनजीआे के संचालक देव प्रताप ने बताया कि ज्यादातर मामलों में आरोपी स्लम एरिया की बच्चियों को अपना शिकार बनाते है। इसकी वजह उन्हें इसकी जानकारी न होना आैर परिवार वालों के रोजी रोटी कमाने के लिए इधर उधर भटकना है। एेसे में एक बार फिर मंदसौर आैर कठुआ जैसी न दोहरार्इ जाए। इसके लिए हम लोग स्लम एरिया में बच्चों को एजुकेशन देने के साथ ही उन्हें ट्रेनिंग भी दिलाते है।

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मुंह तोड़ जवाब देने के लिए यहां दी जा रही बच्चियों को ट्रेनिंग

यह एनजीआे नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा के ग्रामीण आैर झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले गरीबों के बच्चों को फ्री में शिक्षा देते है। इसके साथ ही इन दिनों हो रही गंभीर वारदातों में कोर्इ दरिंदा उन्हें अपना शिकार न बना सकें। उसके लिए पांच से लेकर 16 साल की बच्चियों आैर बच्चों मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी जा रही है। इन बच्चों को मार्शल आर्ट ट्रेनिंग दे रहे। ट्रेनर अभिषेक आनंद ने बताया कि अगर आपके पास सही मार्शल आर्ट का ज्ञान है। तो एक छोटी सी लड़की भी भारी भरकम इंसान को हरा सकती है। इसके अलावा कर्इ एेसे तरीके भी है। जिनका इस्तेमाल कर हम सुरक्षित रह सकते है। मार्शल आर्ट के यहीं ट्रेनिंग छोटी से लेकर किशोरियों को दी जा रही है। ट्रेनिंग लेने के बाद बच्चों के अंदर एक साहस दिखाई दिया। वह अपनी सुरक्षा करने के लिए तैयार हैं।

Nitin Sharma Desk/Reporting
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