
मेरठ। जनवरी (January) में पश्चिमी उत्तर प्रदेश (West Uttar Pradesh) को बारिश ने खूब भिगोया। 2020 की जनवरी ने पिछले कई साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हालत यह है कि शीतलहर से अब भी वेस्ट यूपी के लोगों को राहत नहीं मिली है। फरवरी (February) की शुरुआत में बारिश से कुछ राहत जरूर मिली है। फिलहाल मौसम विभाग ने पहले हफ्ते में बरसात की कोई संभावना नहीं जताई है।
फरवरी में भी होगी बारिश
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन. सुभाष के मुताबिक, जनवरी में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जमकर बारिश हुई है। उनका कहना है कि करीब 45 साल में ऐसी बारिश नहीं हुई है। जनवरी 2020 जितनी बारिश पिछले चार दशक में नहीं हुई है। इस साल जनवरी में 66.3 मिमी बारिश हुई है। इससे पहले जनवरी 1975 में 70.4 मिमी बरसात हुई थी। संभावना जताई जा रही है कि फरवरी में भी बारिश होगी लेकिन वह जनवरी की तरह नहीं होगी। इस माह सामान्य बारिश होने का अनुमान है।
मौसम का पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 9 फरवरी तक मेरठ में बारिश के कोई आसार नहीं हैं। हालांकि, गाजियाबाद और नोएडा समेत एनसीआर में 4 जनवरी को तेज बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद 5 फरवरी को तेज हवा चलेगी। फिर 9 फरवरी तक हल्की धुंध या कोहरा रह सकता है। मुजफ्फरनगर में भी 9 फरवरी तक मौसम साफ रहेगा। कुछ ऐसा ही मौसम मुरादाबाद का भी रहेगा। स्काईमेट वेदर (Skymet Weather) ने 3 और 4 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ की संभावना जताई है। इस वजह से पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इसका असर मैदानी इलाकों में देखने को मिल सकता है। वहीं, एक्यूवेदर के अनुसार माह के आखिर में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन. सुभाष ने भी फरवरी के आखिर में हल्की बारिश की संभावना जताई है।
शीतलहर से छूटी कंपकंपी
3 फरवरी की बात करें तो सोमवार को गाजियाबाद और नोएडा समेत वेस्ट यूपी में सुबह मौसम साफ रहा। सूरज के निकलने से लोगों को राहत रही। शाम को शीतलहर ने लोगों को परेशान किया हुआ है। रविवार को भी पूरे दिन शीतलहर चलती रही, जिससे लोगों की कंपकंपी छूटती रही।
Published on:
03 Feb 2020 11:37 am
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