
traffic baba news
नोएडा. ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कर उल्लंघन करने वालों को अपने गानों से जागरूक करने वाले ट्रैफिक बाबा का रविवार देर रात निधन हो गया। वह पिछले 14 सालों से नोएडा में अलग-अलग सड़को आैर चौराहों पर लोगाें को ट्रैफिक नियमों को लेकर जागरूक करते थे। मृत्यु के बाद उनकी इच्छा अनुसार दोनों आंखें और पेसमेकर दान की गई। सोमवार सुबह दिल्ली के लोधी रोड स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। ट्रैफिक बाबा की मौत पर नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने गहरा शोक व्यक्त किया है। हाल ही में नोएडा पुलिस ने उन्हें सम्मानित किया था। ट्रैफिक बाबा ने एक नवंबर से शुरू होने वाले ट्रैफिक माह को लेकर पुलिस के कार्यक्रम में भी शिरकत की थी।
पत्नी के साथ नोएडा में रहते थे, ट्रैफिक बाबा
मूलरूप से अल्मोड़ा निवासी मुकुल चंद जोशी सेक्टर-21 जलवायु विहार स्थित सोसायटी के फ्लैट नंबर बी-56 में पत्नी के साथ रहते थे। साल १९७३ में वायु सेना से फ्लाइट इंजीनियर पद से सेवानिवृत हुए थे। ट्रैफिक सीआे शिवेंद्र पांडेय ने बताया कि उनके दो बेटे है। उनके बड़े बेटे कैप्टन नीरज जोशी मर्चेन्ट नेवी सिंगापुर में हैं। जबकि छोटे बेटे कैप्टन राजीव जोशी एयर फोर्स बैंगलुरु में तैनात हैं। राजीव जोशी ने बताया रविवार सुबह के समय पिताजी और मां नोएडा स्थित घर पर मौजूद थे। पिताजी सुबह के समय वाॅक आैर लाॅफ्टर ग्रुप से आने के बाद चाय पीकर अपने कमरे में आराम करने चले गये। कुछ देर बाद जब मां ने उन्हें नहाने के लिए आवाज लगार्इ, तो कोर्इ जवाब नहीं मिला।मां ने तुरंत पड़ोसियों की मदद से पिता को सेक्टर 27 स्थित कैलाश अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर रविवार देर रात बैंगलुरु से वह और सिगापुर से उनके भाई भी नोएडा पहुंचे।
मरने के बाद भी दूसरों को दान कर गए रौशनी
ट्रैफिक बाबा के बेटे ने बताया कि उनके पिता की इच्छा थी कि मृत्यु के बाद शरीर का जो भी अंग दूसरे का काम आ सके, उसे दान कर दी जाए। ऐसे में उनकी मौत के बाद मां ने उन लोगों के आने से पहले ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर पिता की दोनों आंखे और पेसमेकर दान कर दी थी। इससे वह दूसरे के जीवन में रोशनी आैर धड़कन दे गये।
भतीजे की सड़क हादसे में मौत के बाद उठाया, लोगों को जागरूक करने का बिड़ा
ट्रैफिक बाबा की पत्नी शोभा जोशी ने बताया कि करीब 14 साल पहले उनके भार्इ के जवान बेटे की नोएडा में सड़क हादसे में मौत हो गर्इ थी। वह बिना हेलमेट लगाए स्कूटर लेकर निकला था। जिसके चलते हादसे में सिर पर चोट आने से उसकी मौत हुर्इ। इसी घटना ने पति को झकझोर कर रख दिया था। उसके बाद से ही उन्होंने लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का बेड़ा उठाया। वह हर दिन चौराहों पर लाउडस्पीकर और पम्फलेट के जरिए लोगों को जागरूक करते थे।
Updated on:
7 Nov 2017, 3:36 PM IST
Published on:
7 Nov 2017, 11:48 AM IST
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