17 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नोएडा में 22 मई को नहीं गिरेगी ट्विन टावर, सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक को दी राहत

Noida Supertech Twin Tower अवैध ठहराए जा चुके सुपरटेक एमरल्ड कोर्ट के 40 मंजिला बिल्डिंग के दोनों टावरों को 22 मई को गिराना था। पर सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक ट्विन टावर को गिराने की समय सीमा बढ़ा दी है। वजह जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे

2 min read
Google source verification
twin_tower.jpg

Noida Supertech Twin Tower अवैध ठहराए जा चुके सुपरटेक एमरल्ड कोर्ट के 40 मंजिला बिल्डिंग के दोनों टावरों को 22 मई को गिराना था। पर सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक ट्विन टावर को गिराने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब इस इमारत की समयसीमा तीन माह बढ़ाकर, 28 अगस्त कर दिया गया है। डिमोलिशन एजेंसी एडिफिस इंजीनियरिंग ने ट्विन टावर को गिराने के लिए सुप्रीम कोर्ट से दरख्वास्त की थी कि, तय की गई समय सीमा को तीन महीने और बढ़ा दी जाए। एडिफिस इंजीनियरिंग ने सुप्रीम कोर्ट से कहाकि, ब्लास्ट टेस्ट से पता चला है कि बिल्डिंग की संरचना उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा मजबूत है। न्याय मित्र अधिवक्ता गौरव अग्रवाल ने भी आवेदन का समर्थन किया और कहा कि, सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरी कार्रवाई की निगरानी करने के लिए तय एजेंसी सीबीआरआई केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की ने भी इसका समर्थन किया है।

नोएडा अथॉरिटी ने अनुरोध खारिज किया

नोएडा अथॉरिटी ने सुपरटेक ट्विन टावर बिल्डिंग को ध्वस्त करने की समयसीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया था। नोएडा प्राधिकरण ने कहाकि, एडिफिस इंजीनियरिंग का यह अनुरोध समझौते का उल्लंघन है। इसलिए इसे खारिज किया जाता है।

अधिक विस्फोटक की आवश्यकता

अनुमान है कि इसे गिराने में 3,400 किलो विस्फोटक लगेगा। इसके पहले 2,500 किलो विस्फोटक लगने का अनुमान लगाया गया था। ट्रायल के बाद बताया गया कि, टॉवर बहुत मजबूत है इसलिए ज्यादा विस्फोटक की जरूरत होगी। अवैध करार दिए जा चुके इस टॉवर को गिराने के लिए ट्रायल ब्लास्ट भी किया जा चुका है। ट्रायल ब्लास्ट 10 अप्रैल को हुआ था।

यह भी पढ़ें :उत्तर प्रदेश में एक बड़ा बैंक बंद, जमाकर्ता परेशान कैसे मिलेगा जमा धन

टावर्स में करीब एक हजार फ्लैट

सुपरटेक की इन दोनों बिल्डिंगों को ट्विन टावर कहा जाता है। दोनों इमारतें नोएडा के सेक्टर 93 यानि एक्सप्रेस वे की तरफ हैं। इन बिल्डिंग्स का नाम सुपरटेक एमरल्ड कोर्ट ट्विन टावर है। दोनों टावर में करीब 1000 फ्लैट हैं। 633 फ्लैट बुक हुए थे। 133 दूसरे प्रोजेक्ट में चले गए। 248 ने पैसा ले लिए और बाकी 252 लोगों का पैसा अभी भी फंसा हुआ है।

यह भी पढ़ें : सुपरटेक बिल्डर की ट्विन टावर का वक्त पूरा, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू

बिल्डर पर आरोप

सुपरटेक बिल्डर पर आरोप है कि, उसने ग्रीन बेल्ट और ओपन एरिया में अवैध तरीके से अपैक्स और सियान दो टावर बनाए। हर एक टॉवर 40-40 मंजिल का है। इनकी शिकायत खुद सोसायटी में रहने वालों ने की थी।

बड़ी खबरें

View All

नोएडा

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग